

(बस्ती) / कलवारी
मानवता और सेवा भाव की एक प्रेरणादायक मिसाल उस समय देखने को मिली, जब डॉ. प्रेम त्रिपाठी की सतत कोशिशों का असर रंग लाया और सेवा समर्पण भाव ट्रस्ट ने संज्ञान लेते हुए समाज से उपेक्षित दो अर्ध-विक्षिप्त व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू किया। दोनों को सुरक्षित रूप से कलवारी स्थित कौलेश्वर धाम मंदिर परिसर में आश्रय दिलाया गया।
यह मानवीय कार्य डॉ. प्रेम त्रिपाठी के मार्गदर्शन में, सेवा समर्पण भाव ट्रस्ट के अध्यक्ष दिलीप पांडे के नेतृत्व तथा उमंग पांडेय और अजय मिश्रा के सक्रिय सहयोग से संपन्न हुआ। रेस्क्यू के बाद दोनों व्यक्तियों की प्राथमिक देखभाल की गई—उनके दाढ़ी-बाल काटे गए, उन्हें स्नान कराया गया, स्वच्छ वस्त्र पहनाए गए और भोजन की व्यवस्था की गई। लंबे समय से उपेक्षा और असहाय स्थिति में जीवन बिता रहे इन लोगों के चेहरों पर देखभाल के बाद राहत और सुकून साफ झलक रहा था।
डॉ. प्रेम त्रिपाठी ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक मदद पहुंचाना ही सच्ची सेवा है। मानसिक रूप से असहाय व्यक्तियों को सम्मान, सुरक्षा और उपचार की आवश्यकता होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी ऐसे लोगों के पुनर्वास और उपचार के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
सेवा समर्पण भाव ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा नर सेवा नारायण सेवा है और हमारी टीम लगातार कई वर्षों से यह कार्य कर रही है और निरंतर करती रहेगी।