संत कबीर नगर =
केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में अपेक्षा के अनुरूप मीडिया कर्मियों की उपस्थिति नहीं रही । बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है । चर्चाओं के बाजार में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि बजट जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित प्रेस वार्ता से मीडिया की दूरी आखिर क्यों रही । खासकर तब जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मनरेगा परियोजनाओं के सोशल ऑडिट जैसे कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में मीडिया कर्मियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है ।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर यह प्रेस वार्ता एक दिन पूर्व से ही निर्धारित थी । समय रहते सभी मीडिया कर्मियों को सूचना भी दी गई थी । निर्धारित समय पर कम संख्या में मीडिया कर्मियों की उपस्थिति को देखते हुए इसे गंभीरता से लिया गया और दोबारा सूचना देने की प्रक्रिया अपनाई गई ।
इसके बावजूद काफी प्रयासों के बाद भी केवल लगभग 15-20 मीडिया कर्मी ही प्रेस वार्ता में शामिल हो सके । इस स्थिति ने पत्रकारिता की भूमिका, प्राथमिकताओं और दायित्वों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं ।