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राहिल खान
यूपी स्टेट शुगर एंड केन डेवलपमेंट कारपोरेशन की मुंडेरवा चीनी मिल ने पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार से पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं ली है।

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी स्थापना के लिए सहमति (एनओसी) भी नहीं ली गई है। इस बाबत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने मुंडेरवा चीनी मिल को पत्र लिखा है।
मुख्य पर्यावरण अधिकारी एसबी सिंह ने मुंडेरवा चीनी मिल को लिखे पत्र में कहा है कि यह मिल उद्योग कहलाएगी। जहां का कच्चा माल गन्ना होगा और चीनी का उत्पादन किया जाएगा। चीनी मिल निर्माणाधीन है, जो प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 की धारा 47 के तहत मानी जाएगी। इस मिल का थर्ड पार्टी नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट कानपुर ने निरीक्षण किया है। अपने निरीक्षण आख्या में थर्ड पार्टी ने बताया है कि यहां पर उत्प्रवाह शुद्धिकरण यंत्र निर्माणाधीन है। उनकी रिपार्ट के अनुसार मंत्रालय व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति भी नहीं है।
मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने चीनी मिल को पत्र लिखते हुए पांच बिंदुओं की आपत्ति को निस्तारित करने के लिए कहा है। जिसमें उद्योग स्थापना के लिए पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त की जाए। उत्तर प्रदेश राज्य बोर्ड से भी उद्योग स्थापना के लिए सहमति लें तथा उद्योग का संचालन बोर्ड से सहमति लिए बिना न किया जाए।
रिपोर्ट::राहिल खान
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