नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान का निधन हो गया है। वह दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती थे। वह समस्तीपुर से लोकसभा सांसद थे। 12 जुलाई को उन्हें दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उन्होंने रविवार को अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। रामचंद्र चौथी बार सांसद बने थे। 2019 लोकसभा चुनाव में वह दूसरी बार समस्तीपुर से सांसद चुने गए थे। उनके दो बेटे हैं। उनके भतीजे और सांसद चिराग पासवान ने अपने चाचा की मौत की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया।
चिराग ने ट्विटर पर लिखा, ‘आप सभी को बड़े दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है की मेरे चाचा जी आदरणीय श्री रामचंद्र पासवान जी अब नहीं रहे। आज दोपहर 1:24बजे उन्होंने राम मनोहर लोहिया अस्पताल नई दिल्ली में आखिरी सांस ली।’
12 जुलाई को पड़ा था दिल का दौरा
रामचंद्र पासवान को 12 जुलाई को दिल का दौरा पड़ा था। जिसके बाद उन्हें आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें वेंटीलेटर पर रखा हुआ था। पूरे परिवार के साथ रामविलास भाई का हालचाल लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे।
1999 में पहली बार बने थे सांसद
रामचंद्र पासवान पहली बार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के टिकट पर संसद भवन पहुंचे थे। 2004 में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर दूसरी बार चुनाव लड़ा था और जदयू के दशाई चौधरी को हराया था। 2009 में वह जदयू के महेश्वर चौधरी से चुनाव हार गए थे। इसके बाद 2014 में उन्हें मोदी लहर का फायदा मिला और वह तीसरी बार संसद पहुंचे। इस बार उन्होंने राजद के अशोक कुमार को चुनावी मैदान में पटखनी दी थी। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करके वह चौधी बार संसद भवन पहुंचने में कामयाब रहे।