क्या सच में बंद हो जायेगी खुले में शराब पीने पिलाने का दौर

गोरखपुर ब्यूरों:- पूर्वांचल का प्रसिद्ध मंदिर माता तरकुलहा परिसर में प्रदेश के कोने-कोने से आने वाले लोगों का खास जमावड़ा लगता है। इस दौरान पिने पिलाने का दौर भी खुलेआम शुरू हो जाता है। इस वजह से सभ्य लोगों को काफी बुरा महसूस होता है यही नहीं पिने पिलाने के बाद मारपीट की घटनाएं बढ़ जाती है। मां तरकुलहा मंदिर परिसर के आसपास कई शराब की अनुबंधित दुकानों के अवैध तरीके से कच्ची की दुकानें भी है। कुछ लोग शराब अपने साथ लेकर आते हैं और पिते पिलाते है। लोगों का मानना है कि इस वजह से कई प्रकार की घटनाएं घटनी है जिस पर लोग एक दूसरे को कोस कर रह जाते हैं। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने खुले में शराब पीने को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित बताया है।अगर कभी भी खुले में शराब पीने का प्रचलन हो रहा है, तो स्थानीय थानेदार की उस पर तत्काल लगाम लगाने की जिम्मेदारी बनती है। इस संबंध में सीओ चौरीचौरा ने बताया कि तरकुलहा मन्दिर के परिसर में खुले में शराब पीने वालों की अब खैर नही होगी और जो भी ऐसा करते हुए मिलेगा उस पर कानून कार्यवाही की जायेगी।
कच्ची शराब के खिलाफ चला अभियान।
एसएसपी के गरल अभियान के तहत, प्रभारी एसएसपी/एसपी सिटी के निर्देश पर सीओ चौरी चौरा के नेतृत्व में चौरीचौरा के कई क्षेत्रों में कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया। प्राप्त खबर के अनुसार पुलिस ने सुबह क्षेत्र के इब्राहिमपुर डोलहा के नाले पास से 20 कुंतल लहन नष्ट करने के साथ आधा दर्जन से अधिक भट्टियों को तोड़ा। पुलिस को देख कारोबारियों में हड़कंप मच गया।