
संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत में नए नागरिकता क़ानून को मूल से रूप से भेदभावपूर्ण क़रार देते हुए इसमें सुधार की मांग की है।
इस विवादित नागरिकता संशोधन बिल के क़ानून में परिवर्तित होने के बाद, पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और भारत सुलग रहा है।
ग़ौरतलब है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की हिंदुत्व राष्ट्रवादी सरकार का दावा है कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के हिंदुओं को संरक्षण देने के लिए नागरिकता क़ानून में बदलाव किया गया है, लेकिन इसी के साथ इसमें मुसलमानों को नज़र अंदाज़ कर दिया गया है।