- बीमा कंपनी ने वाहन को खलीलाबाद से संतकबीरनगर जाने की बात कहकर दावा भुगतान से किया था इंकार
- जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संतकबीरनगर: बीमा कंपनिया तरह-तरह की बहाने बाजी कर दावे का भुगतान करने से इंकार कर देती हैं। जिला उपभोक्ता आयोग में बीमा कंपनी का एक ऐसा ही रोचक बहाना प्रकाश में आया है। बीमा कंपनी ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन का मरम्मत व्यय भुगतान करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि वाहन परमिट सीमा से बाहर खलीलाबाद से संतकबीरनगर जा रही थी। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने मरम्मत व्यय की धनराशि रुपए 54 हजार 151 मय ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 60 हजार अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया है। समस्त धनराशि 60 दिनों के भीतर अदा करनी होगी।
महुली थानाक्षेत्र के भीटी हरदो निवासी हरिराम ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से मुकदमा दाखिल कर कहा कि उन्होंने वर्ष 2021 में तीन पहिया मैक्सिमा वाहन क्रय किया था, जिसे चलाकर रोजी-रोटी कमाते थे। दिनांक 21 जून 2022 को सायं पांच बजे खलीलाबाद से मैंनसिर जा रहा था। जब वह गंगा देवरिया पहुंचे कि विपरीत दिशा से आ रही बोलेरो उनके टैम्पो में ठोकर मार दिया। उन्हें काफी चोटें आई और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। सर्विस सेंटर पर ले जाने पर दावे का भुगतान नही किया गया। थक-हार कर न्यायालय की शरण में आना पड़ा।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा दोनों पक्ष के अधिवक्ता के बहस को सुनने के उपरांत मरम्मत दावे की रकम रुपए 54 हजार 151 मय दस प्रतिशत ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 60 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश बजाज अलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दिया है।