
रिपोर्ट :- फय्याज (जिला संवाददाता बस्ती)
बस्ती जनपद कार्यालय जिला क्षय रोग अधिकारी, बस्ती
दिनांक 30 जुलाई 2024 के क्रम में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत घर-घर भ्रमण के दौरान क्षय रोगियों की खोज हेतु विशेष अभियान जनपद की कुल जनसंख्या की 20 प्रतिशत आबादी जैसे कि हाईरिस्क एरिया, मलिन बस्ती, विभिन्न प्रकार के बाजार आदि में दिनांक 09 सितम्बर 2024 से 20 सितम्बर 2024 तक (10 कार्य दिवस) जनपद में चलाया जाना है जिसके अन्तर्गत स्वास्थ्य कार्मिकों द्वारा तीन सदस्यीय टीम बनाते हुए लक्षित जनसंख्या में सम्भावित क्षय रोग से ग्रसित व्यक्तियों का चिन्हीकरण कर उन्हें नियमानुसार जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जायेगा। जिस हेतु जनपद में कार्ययोजन बनाया जा चुका है। जिलाधिकारी बस्ती ने टीबी फोरम के बैठक में जनता से अपील किया है कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण पाये जाते हैं तो घर-घर भ्रमण कर रही टीम का सहयोग करते हुए अपने लक्षणों को बतायें जिससे त्वरित जांच कराते हुए इलाज पर रखकर टीबी मुक्त भारत बनाने में जनपद का बहुमूल्य सहयोग किया जा सके।
मुख्य चिकित्साधिकारी बस्ती ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद के 14 टी0बी0 यूनिट के कुल 109770 घरों को चिन्हित करते हुए कुल 219 टीम लगायी गयी है। टीम के सदस्यों के सुपर विजन हेतु 50 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगायी गयी है। टीम के सदस्यों द्वारा चिन्हित गांव में घर-घर भ्रमण करते हुए टी0बी0 के लक्षण को लोगों के बीच बताया जायेगा तथा जिन व्यक्तियों में टी0बी0 के लक्षण पाये जायेंगे उनके बलगम का परीक्षण निर्धारित जांच केन्द्र से कराया जायेगा। जनपद में पिछले तीन अभियान में प्राप्त बलगम के जांच के आधार पर कुल 347 टी0बी0 के मरीज खोजे जा चुके हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी, बस्ती ने बताया कि यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी, खांसी के साथ बलगम, बलगम के साथ खून आना, सीने में दर्द रहना, बुखार का रहना, अचानक वजन का कम होना, भूख न लगना, बेवजह रात में पसीना आना टी0बी0 के लक्षण हैं। यदि किसी भी व्यक्ति में उपरोक्त लक्षण पाये जाते हैं तो वह अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जायें, जहां टी0बी0 की जांच एवं उपचार निःशुल्क उपलब्ध है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि जनपद में जितने भी क्षय रोगी खोजे जा रहे हैं उनके परिवार के सभी सदस्यों का स्क्रीनिंग करते हुए टीबी का जांच कराया जा रहा है। यदि परिवार के किसी सदस्य में टीबी की बीमारी घोषित होती है तो टीबी का इलाज किया जाता है तथा अन्य सदस्यों को टीबी प्रिवेन्टिव ट्रीटमेन्ट पर रखा जाता है। जनपद में सभी क्षय रोगियों को रू0 500/- इलाज के दौरान उनके बैंक खाते में भेजा जाता है तथा यदि कोई व्यक्ति टीबी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की सूचना देते हुए स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच कराता है तो टीबी घोषित होने पर संभावित क्षय रोगी की सूचना देने वाले व्यक्ति को रू0 500/- प्रति क्षय रोगी दिया जाता है।