
रिपोर्ट :- अनिल कुमार श्रीवास्तव
बस्ती जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की सीलिंग अचानक गिर गई। जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।घटना में कोई जनहानि नहीं हुईं, मरीजों के परिजनों ने निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
जिला अस्पताल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की सीलिंग गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में वार्ड में भर्ती मरीजों को मामूली चोंटे आई हैं। सीलिंग गिरने की घटना पर मरीज के परिजन अस्पताल निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। मरीजों ने ये भी आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए सीलिंग लगाई गई थी। हालांकि वार्ड में भर्ती 8 मरीज पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
दरअसल पूरा मामला जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का है जहां तीमारदार अपने मरीजों को लेकर इलाज कराने पहुंचे थे। इलाज के दौरान अचानक सीलिंग गिरने लगी जिससे भर्ती मरीजों के साथ तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। सीलिंग गिरने से भर्ती महिला सहम गई। महिला के कराहने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को लेते हुए मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया और वार्ड की साफ सफाई का कार्य शुरू कराया।
तीमारदार सुनील पांडे ने अस्पताल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बताया कि मेरे द्वारा विरोध करने पर डॉक्टर ने आपत्ति जताई और बोले की आप क्यूं विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरे तीमारदार मोहम्मद तालिब ने कहा कि सीलिंग में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण बड़ा हादसा हो सकता था और कही न कहीं बड़ी दुर्घटना होने से हम सब बच गए और अब हमारे मरीज को कैली मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है।
अधिकारियों ने कहीं जांच कराने की बात
वहीं इस पूरे मामले पर जब एसआईसी डॉ सुरेश चंद्र कौशल ने बताया कि वार्ड में आठ मरीज भर्ती थे, फॉल सलिंग का मलबा मरीजों के उपर नहीं किनारे गिरा है। उन्होंने बताया कि सीलिंग का कुछ हिस्सा कूलिंग मशीन के पाइप से रिसने वाले पानी से क्षतिग्रस्त हो गया था जिससे धीरे-धीरे फॉल सीलिंग को भी खराब कर दिया। इसके चलते यह घटना हुई है. इस घटना में कोई चोटिल नहीं हुआ है। मलवे को हटवा दिया गया है और वहां सब कुछ सामान्य है। मामले की जांच कराई जाएगी।