नाशिक :- रिलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमा के साथ आयोजित किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके उपरांत कंपनी के निदेशक अब्दुल्लाह खान ने ध्वजारोहण किया ।
इस अवसर पर उपस्थित कर्मचारियों एवं क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कंपनी निदेशक अब्दुल्लाह खान ने कहा कि “स्वतंत्रता एक उपलब्धि है और लोकतंत्र एक सतत जिम्मेदारी”
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस है, जब देश ने औपचारिक रूप से स्वयं को संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया । यह दिन केवल संविधान के लागू होने की तिथि नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है, जिसमें भारत ने दासता से निकलकर आत्मनिर्णय और जनसत्ता के मार्ग को अपनाया ।
उन्होंने आगे कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने के साथ ही सत्ता का वास्तविक स्रोत जनता बनी । यही वह क्षण था जब यह सुनिश्चित हुआ कि देश का शासन किसी व्यक्ति, वर्ग या शक्ति के अधीन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप संचालित होगा । गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की नींव और उसकी आत्मा दोनों का प्रतिनिधित्व करता है ।
अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि इसके पटल पर हमारे पूर्वजों, स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के असंख्य बलिदान अंकित हैं । महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा, भगत सिंह का बलिदान और सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्रवाद, ये सभी धाराएँ मिलकर उस लोकतांत्रिक चेतना को जन्म देती हैं, जिसे हम आज अनुभव कर रहे हैं ।
श्री खान ने कहा कि भारतीय संविधान केवल शासन की व्यवस्था नहीं करता, बल्कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को सामाजिक जीवन का आधार बनाता है । यह प्रत्येक नागरिक को अधिकार प्रदान करता है, साथ ही उसके कर्तव्यों का भी बोध कराता है । एक सशक्त गणराज्य तभी संभव है, जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने दायित्वों को भी समझें और ईमानदारी से निभाये ।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में गणतंत्र दिवस का महत्व और बढ़ गया है । सामाजिक समरसता, संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास और राष्ट्रीय एकता जैसे विषय हमें आत्ममंथन के लिए प्रेरित करते हैं । गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों को अपने आचरण में उतारने का संकल्प लेने का अवसर है ।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ ।