

सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
भारतीय संविधान के निर्माता, सामाजिक न्याय के बड़े योद्धा,विधि के ज्ञाता भारत रत्न भारत के प्रथम कानून मंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर अंबेडकर चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करते समाजवादी पार्टी के महानगर पूर्व सचिव आफताब अहमद एवं विनोद यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के साथ उनकी प्रतिमा पर माला अर्पण किया गया और कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर की मृत्यु 6 दिसम्बर 1956 को हुई थी यही कारण है कि डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिन या पुण्यतिथि हर साल उन्हें 6 दिसम्बर को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिये मनाया जाता है। उन्हें, भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है। भारत के लोग सुंदर ढंग से सजायी गयी प्रतिमा पर फूल, माला, दीपक और मोमबत्ती जलाकर और साहित्य की भेंट करके उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। सपा नेता आफताब अहमद ने कहा कीइस दिन साल 1891 को मध्य प्रदेश के महू के एक गांव में भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। बचपन से ही उन्हें आर्थिक और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। स्कूल में छुआछूत और जाति-पाति का भेदभाव झेलना पड़ा। विषम परिस्थितियों के बाद भी अंबेडकर ने अपनी पढ़ाई पूरी की। ये उनकी काबलियत और मेहनत का ही परिणाम है कि अंबेडकर ने 32 डिग्री हासिल की। विदेश से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद भारत में दलित समाज के उत्थान के लिए काम करना शुरू किया। संविधान सभा के अध्यक्ष बने और आजादी के बाद भारत के संविधान के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया। जीवन के हर पड़ाव पर संघर्षों को पार करते हुए उनकी सफलता हर किसी के लिए प्रेरणा है।मोहम्मद हसन, इरफान उल्लाह खान, विनोद यादव,गोलू यादव इम्तियाज अहमद,आफताब अहमद, नूर मोहम्मद, निवास यादव, अनूप यादव, हिमालय कुमार, आदि लोग उपस्थित रहे।