दबंगई से बीत गयी उपधी की प्रधानी उनसठ मनरेगा मजदूरो को नही मिला काम
के के मिश्र / हरीश सिंह
सन्त कबीर नगर – विकास खण्ड सेमरियावा के ग्राम उपधी की प्रधानी दबंगई के बल पर चल रही है दो सत्र से चुने गये ग्राम प्रधान न ग्रामीणो की समस्या सुन रहा है और न ही उसे दूर करने की कोई कोशिश करा रहा है जबकि विकासशील योजनाओ को देखा जाय तो इतनी योजनाये है कि गांव की सूरत शहर जैसी हो जाय । आवास शौचालय से लेकर मनरेगा रोजगार सहित बहुत सी ऐसी योजनाये है जो ग्रामीणो की समस्या को दूर कर सकती है ।
बताते चले कि ग्राम पंचायत उपधी मे उनसठ जाब कार्ड धारक है पर प्रधानी का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने को है पर मनरेगा मजदूरो को कोई काम नही मिला । ग्रामीणो का कहना है कि ग्राम प्रधान मुम्बई मे रहता है प्रधानी उसके गुर्गे द्वारा चल रही है जो दबंगई के बूते चला रहे है उन्हे ग्रामीणो की परेशानी से कुछ लेना – देना नही है जो विकासशील योजनाये सरकार द्वारा चलायी जा रही है उसे ब्लाक के अधिकारियो कर्मचारियो के मिली भगत से कागजो मे समेट कर मिल बांट कर खा जा रहे है । निराश होते हुए ग्रामीणो ने कहा कि हम लोगो को बड़ा विश्वास था कि यह गांव का विकास करेगा लेकिन हम लोगो के विश्वास के साथ जैसा इसने विश्वासघात किया है ईश्वर न करे किसी और गांव वालो के साथ हो । पछताते हुए ग्रामीण कहते है कि हम लोगो ने कैसा प्रधान चुन लिया । मीडिया से मुखातिब होते हुए आश्चर्य व्यक्त करते हुए ग्रामीणो ने कहा कि सबसे बड़ी बात तो यह है कि शासन के उस महात्वाकांक्षी योजना को जो गांव मे रोजगार मुहैया कराता है उसे पूरी तरह लगाम लगा दिया गया है पर शासन व जिला प्रशासन को इसकी जरा भी परवाह नही है एकदम चुप्पी साधे बैठे हुए है । सरकार लाख योजना चलाये पर हम लोग क्या जाने विकास किस चीज का नाम है क्या हमारे भी गांव का विकास होगा ? अगर होगा तो कैसे होगा ? कैसे सुधरेगी हम ग्रामीणो की दशा ? कौन बनेगा जन नायक ? हाथ पर हाथ धरे बैठे है जिम्मेदार अधिकारी भी । जब जाब कार्ड धारको को काम नही मिल रहा है जो पसीना बहाकर मजदूरी के हकदार बनेगे , उन्हे काम नही मिला रहा है तो वे विकासशील योजना यहां कैसे आयेगी ? प्रधान के मनमानी रवैये से निराश ग्रामीणो ने मीडिया को भी कोसा , बोले मीडिया के लोग प्रधान व उसके गुर्गों से मिलकर चले जाते है । अगर किसी मीडिया कर्मी को मिलने पर ग्रामीण अपनी समस्या बताते है तो उसे अनसुना करके चले जाते है और प्रधान से मिलकर अपने इरादे पूरा करके चले जाते है ।