संतकबीरनगर
रिपोर्टः मु. परवेज़ अख्तर
परीक्षा शुल्क में बेतहाशा वृद्धि को वापस ले प्रदेश सरकारः समयदेव पाण्डेय

उ.प्र. सरकार द्वारा बोर्ड परीक्षा 2020 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा शुल्क में बेतहाशा वृद्धि शिक्षार्थियों के प्रति विरोधी मानसिकता का द्योतक एवं गरीब छात्रों के प्रति अन्याय पूर्ण कदम है।
उक्त बातें माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष समयदेव पाण्डेय ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहीं।
उन्होंने कहा कि जब हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में दो प्रश्न पत्रों की परीक्षा होती थी तो बोर्ड परीक्षा शुल्क 80 एवं 90 रू. थी। वर्ष 2018-19 की परीक्षा में यह शुल्क बढ़ाकर 200-220 कर दिया गया था किन्तु जब हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की प्रत्येक विषयों की परीक्षाएं अब एक प्रश्न पत्रों के द्वारा सम्पन्न हो रही हैं। तो यह शुल्क 500 और 600 कर देना छात्रों के साथ अन्याय पूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा सरकार के इस प्रकार के बेतहाशा शुल्क वृद्धि का पुरजोर विरोध करती है और सड़क से सदन तक प्रभावी ढंग से आन्दोलन किया जायेगा। उन्होंने परीक्षा शुल्क वृद्धि वापस लिये जाने की प्रदेश सरकार से मांग की है।