ये सड़क है या तालाब, आखिर क्यों इतनी उपेक्षित है ये सड़क?
विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर ब्यूरों।
ये सड़क ही है जनाब तालाब नहीं। जी हाँ हम बात कर रहे हैं चौरी चौरा से फुटहवा, सरैया,
सरदारनगर, डुमरी खास को जोड़ते हुए सोनबरसा जाने वाली सड़क की। बरसात में ये सड़क तालाब से बद्तर हो जाती है। बरसात बाद इस सड़क में सिर्फ गड्ढे नजर आते हैं। समझ में नहीं आता कि यह सड़क इतनी उपेक्षित क्यों है? अगर यह कहा जाय कि यहां सड़क में गढ्ढा नही, गढ्ढे मे सड़क है तो कुछ झूठा नहीं होगा। आधा किमी तक सड़क टुटकर तालाब बन चुकी है। गाड़ी से जाना तो दूर आप पैदल भी नहीं चल सकते। मालुम हो कि
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 से सरैया चौरी चौरा जाने वाली सड़क टुट कर गढ्ढे मे तब्दील हो गई है। इस सड़क से प्रतिदिन स्कूली बच्चे और आम जनता गुजरती है, एक किमी आगे सड़क पर ही कबुतरी देवी महिला महाविद्यालय स्थित है। इसी चौराहे पर रविवार और गुरुवार को बाजार भी लगता है। इस सड़क की दयनीय दशा देखकर गुरूवार को स्थानीय
ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा चेतावनी दी कि इस सड़क की जल्द मरम्मत होनी चाहिए। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने सड़क में सिंगाड़े की फसल की रोपाई भी की। सामाजिक कार्यकर्ता सत्य प्रकाश विद्यार्थी ने कहा कि ग्रामीण सड़कों खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी सड़कें सरकार की प्रथमिकता मे हैं लेकिन नौकरशाही के कारण सरकार की योजनाएं धरातल पर नहीं पहुंच पा रही हैं। भारतमाला प्रोजेक्ट के माध्यम से सरकार अगले 2022 तक देश मे सड़कों का जाल बिछा रही है। विरोध कार्यक्रम में विजय चौहान, ज्ञान प्रकाश पाण्डेय, सनी, अर्जुन, मनीष मोदनवाल, बुलट चौहान, श्याम सुंदर राय, विपिन कुमार पाण्डेय और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
