मापी गई किशोरियों की बीएमआई, दिए गए पोषक आहार
– जिले में किशोरी दिवस के साथ शुरु हुआ पोषण माह का दूसरा सप्ताह
– आंगनबाड़ी केन्द्रों पर किशोरियों को दी गई खान पान सम्बन्धित विस्तृत जानकारी
संतकबीरनगर 09 सितम्बर 2019
जितेन्द्र चौधरी
नेकिशोरियों पर केन्द्रित पोषण माह के दूसरे सप्ताह का शुभारम्भ किशोरी दिवस के साथ हुआ। इस दौरान किशोरियों का वजन व उचाई मापी गई। साथ ही साथ उनको पोषक आहार के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गई। किशोरियों के पोषण और एनीमिया स्तर को लेकर जागरुक किया गया तथा एनीमिया ग्रस्त किशोरियों का फालोअप करके उनको आयरन की गोलियों के साथ पोषक आहार भी प्रदान किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री विजयश्री ने बताया कि किशोरियों पर केन्द्रित पोषण माह के दूसरे सप्ताह के पहले दिन को किशोरी दिवस के रुप में मनाया गया। इस दौरान किशोरियों की बीएमआई ( बाडी मास इण्डेक्स अर्थात शारीरिक द्रव्यमान सूचकांक ) ली गई। साथ ही साथ उन्हें उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुसार पोषक आहार प्रदान किए गए। जिले के खलीलाबाद, बघौली, मेंहदावल, हैसर, सांथा, बेलहर, सेमरियांवा, पौली, नाथनगर ब्लाक क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित किए गए किशोरी दिवस के कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मातृसमितियों ने किशोरियों को पोषण के सम्बन्ध में विविध जानकारियां दी। साथ ही उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई के पोषण विशेषज्ञ अजिथ रामचन्द्रन के निर्देशन में जिले के विभिन्न ब्लाकों में तैनात पोषण सखियों ने पोषक आहार के सम्बन्ध में किशोरियों को जागरुक करने के साथ ही उनको विभिन्न जानकारियां दी। इस दौरान पोषण सखियों ने गृह भ्रमण के साथ ही साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों का अनुश्रवण भी किया। यही नहीं जुलाई में चिन्हित एनीमिया ग्रस्त किशोरियों का फालोअप भी किया गया।
क्या है बीएमआई
बीएमआई अर्थात बाडी मास इंडेक्स किसी भी व्यक्ति की लम्बाई तथा उसके भार को केन्द्र में रखकर निकाला जाता है। इसके आधार पर यह ज्ञात किया जाता है कि व्यक्ति के अन्दर कुपोष्ण, बौनापन या सूखापन कितना है। कुपोषण के विभिन्न स्तरों की जानकारी भी इसी के आधार पर ली जाती है।
50 प्रतिशत से अधिक किशोरियों को एनीमिया
यूपीटीएसयू के जिला पोषण विषेशज्ञ अजिथ रामचन्द्रन बताते हैं कि संतकबीरनगर में 15 से 19 वर्ष की किशोरियों में एनीमिया का प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र में 50.8 व कुल 50.9 है। वहीं 15 से 49 वर्ष की महिलाओं मं एनीमिया का प्रतिशत ग्रामीण स्तर पर 49.4 तथा कुल 50.1 प्रतिशत है। इससे निबटना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसे ध्यान में रखते हुए ही पोषण प्लान बनाया जा रहा है। ताकि किशोरियों को एनीमिया से मुक्त किया जा सके। आयरन की गोलियां भी दी जा रही हैं, तथा ऐसी किशोरियों का फालोअप भी किया जा रहा है। उन्हें सही गुणवत्ता और निर्धारित आवृत्ति के हिसाब से भोजन की सलाह दी जाती है।
पोषण माह में आज
पोषण माह के दूसरे सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को पोषण रैली निकालने के साथ ही गृहभ्रमण भी किया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किशोरियों को साथ लेकर पोषण जागरुकता के स्लोगन लिए हुए प्रभात फेरी निकालेंगे तथा गृह भ्रमण करेंगे। इस दौरान किशोरियों को पोषण को लेकर जागरुक किया जाएगा।




