अनाथ आश्रम के बच्चों में प्रमुख मुमताज़ ने तलाश ली बकरीद की खुशियाँ……..

संतकबीरनगर– अपने लिए जिये तो क्या जिये, तू जी ए दिल जमाने के लिए…. मशहूर हिंदी फिल्म के ये बोल यूपी के संतकबीरनगर जिले के सबसे बड़े ब्लॉक सेमरियावां के ब्लॉक प्रमुख मुमताज अहमद अंसारी पर एकदम सटीक बैठती है, जिन्होंने कोरोना काल मे गरीब तबकों की खुशियों के लिए खुद के बकरीद की खुशी का त्याग कर समाज मे एक नज़ीर पेश की है। राजनीति के साथ समाज के लिए जीने वाले ब्लॉक प्रमुख मुमताज़ अहमद अंसारी का एक और मानवीय चेहरा उस वक्त देखने को मिला जब वो कोरोना संकट के चलते अपने प्रमुख त्यौहार बकरीद को न मनाने का फ़ैसला लेते हुए बकरीद की खुशियां अनाथ आश्रम के बच्चों के संग मनाते हुए उनमें खाद्य सामग्री से जुड़ा किट और अंग वस्त्र वितरित किया……
आपको बता दें कि संतकबीरनगर जिले के कबीर बाल आश्रम खलीलाबाद अपने समर्थकों के साथ खाद्य सामग्री और अंगवस्त्र लेकर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख मुमताज अहमद अंसारी ने बाल आश्रम के जिम्मेदारों को अनाथ बच्चों के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता के साथ उन्हें नए कपड़े, 10 किलो दाल, 10 किलो आलू, 10 किलो प्याज, 5 किलो सरसो का तेल, 50 किलो चावल,, 50किलो आंटा, 25 किलो चना, 15 किलो सब्जी, मसाला और नमक से जुड़ा किट प्रदान किया। मीडिया से बातचीत के दौरान प्रमुख मुमताज अहमद अंसारी ने बताया कि कोरोना संकट के इस दौर में उन्होंने बकरीद नही मनाने का फैसला कर इस बार अनाथ बच्चों के साथ बकरीद मनाने के लिए और उन्हें खुशियां देने के लिए आये थे, उन्होंने अल्लाह के बताए गए रास्तों पर सभी को चलने की बात कहते हुए कहा कि इस्लाम धर्म मे ये कहा गया है कि दूसरों की मदद ही सच्ची मानवता है। इस दौरान प्रमुख मुमताज अहमद के साथ आये संजीवनी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ मंजीत, कबीर मठ मगहर के हरिशरण दास, युवा समाजसेवी गुफरान अहमद ने प्रमुख मुमताज़ अहमद के इस कार्य की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें मानवता का मिसाल करार दिया।
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