न्याय प्रिय योगी सरकार मे सक्षम अधिकारी बना रहे है पीड़ितो का मजाक न्याय को बना रहे है रसूखदारो के पैरो तले की धूल
K k Mishra
सन्त कबीर नगर – जमीनी विवाद को लेकर जनपद घिरता जा रहा है पीड़ित दर – दर भटक रहे है थाना , तहसील , समाधान दिवस एवं जिला प्रशासन से लगाया गया गुहार बेमतलब सिद्ध हो रहा है थाने न सुरक्षा दे पा रहे है तहसील न दूध का दूध पानी का पानी कर पा रहे है कार्यालयो मे रखा गया भू अभिलेख डब्बे का कचरा साबित हो रहा है । जिला प्रशासन के भी पैरो मे बेड़ी लगी हुई दिखायी दे रही है न्याय करना तो दूर एक कदम चलना भी दुश्वार हो गया है ।
बता दे कि जनपद मे जमीनी विवादो का शुमार होते जा रहा है जिधर देखो उधर जमीनी विवाद । लेकिन सक्षम अधिकारियो द्वारा इसे रोका नही जा रहा है जबकि समाज मे अपराध जैसे कृत्य रहने न पाये , कोई किसी के द्वारा सताया न जाय पीड़ित को त्वरित न्याय मिल जाय इसके लिए थाना तहसील से लेकर अब समाधान दिवस का भी आयोजन होने लगा है फिर भी पीड़ितो का भटकना अपराध का बढ़ना रुक नही रहा है । बल्कि यह कहा जाय कि और बढ़ रहा है तो कुछ गलत नही होगा । इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि अवैध कब्जाधारियो का जहां एक भी धुर जमीन नही है वहां कब्जा है और चैन की सांस ले रहे है पीड़ित के लाख गुहार लगाने के बावजूद भी कोई कार्यवाई नही हो रही है । बतौर उदाहरण तहसील धनघटा के नरायन पुर गांव का है जहां का निवासी फूलचंद को सह खाता पत्नि सुमित्रा को 2005 मे कृषि हेतु आराजी 113 / 0.0510 हेक्टेयर भूमि पट्टे पर मिली । जिसका कब्जा भी मिला । लेकिन कुछ महीने से गांव के तीन लोगो ने मिलकर कब्जा जमा बैठे है । पीड़ित थाना तहसील से गुहार लगाता रहा मगर कोई सुनवाई नही हुई । पीड़ित फूलचंद ने बताया कि अब तो उक्त लोग ” शिव कुमार , बृजलाल , दयानाथ ” अवैध निर्माण कार्य भी कर रहे है । तब भी हमने कानून से विश्वास नही खोया और थाना तहसील से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक की प्रार्थना पत्र लेकर दौड़ लगायी पर कोई सुनवाई नही हुई ।