बस्ती यूपी।।
शहर की एक मात्र नदी कुआनो अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है।।।

बड़े से बड़े नेता और सामाजिक संगठन खुद अपने परिवार और लाव लश्कर के साथ यही पूजा अनुष्ठान करते ही रहते है।
कुछ सामाजिक संगठन कुआनो आरती भी हर साल करवाते है।
बहुत भव्य आयोजन होता है।
जनपद के नेता से लेकर अभिनेता इसमें शामिल होते है।
बस्ती शहर को जोड़ती एक मात्र नदी हमेशा से उपेक्षा का शिकार हुई।।
जनप्रतिनिधियों और बड़े वाले सामाजिक संगठन के करता धर्ता का रोज गुजरना होता ही रहता है।
इसके पुल को लेकर खूब राजनीत चमकाने के प्रयास भी होता रहा है। इस नदी के आस पास सौन्दर्य को निखारने में भी लाखों का बंदर बाँट हुआ।
लेकिन अभी तक नदी को साफ करना दूर की बात।
उधर सामाजिक संस्थायें देखने भी नही जाती।
और आयोजन के नाम पर लाखों का वारा न्यारा हर साल होता ही रहेगा।।
बस्ती जनपद के विकास श्रीवास्तव जी से बातचीत की संवाददाता राहिल खान ने।।
उनका कहना है।
बस्ती जिले की राजनीति की शुरुवात कुवानो नदी से होती है।
खूब कार्यक्रम भी होते हैं,कुवानो आरती और माँ मानते हुए साफ रखने की बात भी करते हैं।
पर आइये जरा दुर्दशा देख लीजिए आज कुवानो नदी की।
इस वक़्त जहाँ हर जगह की नदियां साफ़ हो रही हैं।
कुवानो अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, सिसक रही है
और पुछ रही है किं क्या मेरे लिए सिर्फ एक दिन होगा, जब कुवानो आरती होगी, बाकी दिनमुझे भुला दिया जाएगा।
जिला प्रशासन कब जागे और
इस नदी को साफ़ करवाएं।
पानी एकदम रुका हुआ है।
रिपोर्ट::राहिल खान
बस्ती यूपी।।