- एक साल का रिचार्ज कराने के बाद भी कंपनी ने बंद कर दिया था सिम
- जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संतकबीरनगर: जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी के मनमाने रवैए को गंभीरता से संज्ञान लिया है। कंपनी द्वारा बंद किए गए सिम को तत्काल चालू करने के साथ रुपए 30 हजार क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है। मामला एयरटेल कंपनी का है।
दैनिक जागरण के जिला प्रभारी रहे राज नारायण मिश्र ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से दिनांक 16 जुलाई 2025 को वाद दाखिल कर कहा कि वह विगत 15 वर्ष पूर्व से बीएसएनएल कंपनी का मोबाइल नंबर लिए थे, जो उनका शुरु से मुख्य नंबर रहा है। वह उक्त नंबर का प्रयोग बैंक खाता समेत अन्य विभिन्न कार्यों में करते रहे हैं। सात माह पूर्व उनका मोबाइल नंबर कार्य करना बंद कर दिया। वह बीएसएनएल कार्यालय गए। वहां अधिकृत कर्मियों द्वारा बताया गया कि यदि वह सिम को प्रीपेड से पोस्टपेड करा लें तो उसी नंबर का दूसरा सिम आवंटित हो जाएगा और सिम काम करने लगेगा। उन्होंने उक्त नंबर को प्रीपेड से पोस्टपेड में करवा लिया। सिम चालू हो गया और वह लगभग चार माह तक मासिक बिल का भुगतान भी किए। नेटवर्क की समस्या रहने के कारण उन्होंने सिम को एयरटेल कंपनी में पोर्ट करा लिया तथा दिनांक चार अप्रैल 2025 को रुपए एक हजार 872 भुगतान कर एक वर्ष का रिचार्ज करवा लिए। कुछ दिन तक सिम कार्य करने के बाद अचानक बंद हो गया। कंपनी से शिकायत करने पर बताया गया कि बीएसएनएल का सौ रुपए 40 पैसे बकाया है। उन्होंने उक्त बकाया जमा कर दिया एक सप्ताह बाद पुनः वह नंबर बंद हो गया। बीएसएनएल कार्यालय जाकर पता करने पर बताया गया कि वहां कोई बकाया नही है। यह नंबर एयरटेल कंपनी ने बंद किया है। एयरटेल कार्यालय गोरखपुर जाने पर कहा गया कि रुपए 314 बीएसएनएल का बकाया दिख रहा है। वहां जाने पर कहा गया कि हमारे वहां कोई बकाया नही है। बावजूद इसके उन्होंने रुपए 320 जमा कर एयरटेल कार्यालय में रसीद जमा कर दिया, फिर भी एयरटेल कंपनी द्वारा सिम चालू नही किया गया। काफी भाग दौड़ करने के बाद भी उनका वह नंबर चालू न हो सका। थक हार कर अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में मुकदमा दाखिल करना पड़ा।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा बीएसएनएल कंपनी द्वारा न्यायालय में यह कहने पर कि परिवादी के द्वारा हमारे वहां बिना किसी वजह के रुपए 320 जमा किया गया है, जिसे परिवादी वापस ले सकते हैं, मामले में एयरटेल कंपनी को दोषी माना। न्यायालय ने एयरटेल कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा है कि वह तत्काल उक्त मोबाइल नंबर को चालू करे तथा क्षतिपूर्ति के रुप में साठ दिनों के भीतर रुपए 30 हजार अदा करें।