सीफॉर के सहयोग से स्वास्थ संचार सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यशाला का आयोजन
तीन महीने में स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ बेहतर सुधार – सीएमओ
– मातृत्व स्वास्थ्य में टाइम और फैसिलिटी मैनेजमेण्ट आवश्यक – डॉ रोचष्मती पाण्डेय
– प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना में अब तक 30 हजार महिलाएं हुई लाभान्वित – वर्तिका
– आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक बने 80 हजार से अधिक गोल्डेन कार्ड
सिद्धार्थनगर , 15 फरवरी 2020
जितेन्द्र चौधरी

जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के प्रयास किये जा रहे हैं। उसके बेहतर परिणाम मिलने शुरू हो गये हैं। योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित कर रहा है। यह बातें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा राय ने शनिवार को यहां एक स्थानीय होटल में आयोजित स्वास्थ्य संचार सुदृढ़ीकरण विषयक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं। कार्यशाला का आयोजन बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन की सहयोगी संस्था सेण्टर फॉर एडवोकेसी एण्ड रिसर्च ( सीफॉर ) के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सीएमओ ने कहा कि जब उन्होंने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभाली थी उस समय स्थितियां अनुकूल नहीं थीं लेकिन उन्होंने तीन महीने के कार्यकाल के दौरान विभाग की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भरसक प्रयास किया जिसका नतीजा रहा कि प्रदेश की रैंकिंग में जिले की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिला है।
कार्यशाला का संचालन करते हुए डीसीपीएम मानबहादुर सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभी कार्यक्रमों व घटकों के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। आयुष्मान भारत के नोडल डाॅ प्रशान्त अस्थाना ने गोल्डेन कार्ड बनवाने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि सभी आयुष्मान लाभार्थी अपना गोल्डन कार्ड जरूर बनवा लें। बिना गोल्डेन कार्ड के 5 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज संभव नही है । दौरान प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना की जिला समन्वयक वर्तिका यादव ने बताया कि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा गर्भवती तक पहुंचाने पर उनका पूरा जोर है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में योजना से 30611 गर्भवती को लाभान्वित किया गया है। इस योजना के तहत पहली बार की गर्भवती को तीन किश्तों में 5000 रुपये प्रदान किये जाते हैं। पहली किश्त के तौर पर 1000 रुपये पंजीकरण कराने के साथ ही दिये जाते हैं, जबकि दूसरी किश्त में 2000 रुपये प्रसव पूर्व जांच कराने पर दिये जाते हैं और आखिरी किश्त 2000 रुपये की तब मिलती है जब बच्चे का पहले चरण का टीकाकरण पूरा हो जाता है।
इस अवसर पर इपीडेमियोलाजिस्ट समीर सिंह ने जिले में जेई और एईएस के आंकड़ों में आई भारी गिरावट के पीछे जनजागरूकता की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि दस्तक और विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान के चलते इस वर्ष जेई से कोई मौत नहीं हुई है, जबकि एईएस से केवल तीन 3 मौत हुई हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम डब्ल्यू खान ने बताया कि सन 2025 तक देश से टीबी के पूरी तरह से खात्मे के सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। 16 मार्च से सक्रिय क्षय रोगियों की खोज का अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत लक्षित समूह के पास टीम के सदस्य पहुंचेंगे और संदिग्ध टीबी रोगियों को खोजेंगे। जिसमें टीबी की पुष्टि होगी उनका तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर सीफॉर के राज्य, मण्डल व जिला के प्रतिनिधियों के अलावा डॉ आरपी मौर्या, डीएमओ एके मिश्रा, डॉ प्रशान्त मौर्या, डॉ ए के आजाद, डीपीएम राजेश शर्मा, प्रत्यूष दूबे प्रमुख तौर से मौजूद रहे।
मीडियाकर्मियों से सहयोग की अपील
इस अवसर पर मीडियाकर्मियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे निरन्तर सुधार की बात स्वीकारी और उन्होने यह जानना चाहा कि आगे और क्या हो रहा है कि जिला स्वास्थ्य सेवाओं में अव्वल बन सके। मीडियाकर्मियों के सवालों का जबाव देते हुए सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं तभी सही मायने में धरातल पर उतारी जा सकती हैं, जब उनका भी पूरा सहयोग मिले। मीडियाकर्मियों ने भी उन्हे आश्वस्त किया कि वह विभाग को हर कदम पर पूरा सहयोग देने को तैयार हैं।
स्वास्थ्य विभाग और मीडिया कर्मियों का बनेगा वाट्सअप ग्रुप
कार्यशाला के दौरान सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारियों और मीडियाकर्मियों का वाट्सअप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि इस ग्रुप के बन जाने से स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों और योजनाओं को त्वरित गति से मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।



