इलाज के लिए अलग से बन रहे जेरियाटिक वार्ड में धक्के नहीं खाएंगे बुजुर्ग
– नीति आयोग की माडरेटर ने लिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा
– जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से लिया स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण के लिए फीडबैक
संतकबीरनगर, 09 जनवरी 2020,
जितेन्द्र चौधरी

‘‘बुजुर्ग मरीजों की परेशानियों को देखते हुए उनके लिए जिला अस्पताल में अलग से जेरियाटिक वार्ड बनाया जा रहा है। इस वार्ड में बुजुर्गो को प्राथमिकता के साथ भर्ती करने की व्यवस्था होगी। यही नहीं विभिन्न प्रकार के उपकरणों के जरिए व्यायाम की भी व्यवस्था होगी । जिला अस्पताल में इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद वर्तमान सत्र में ही यह प्रयोग में आ जाएगा।’’
यह जानकारी जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ वाई पी सिंह ने नीति आयोग की माडरेटर श्रीमती नीलू रस्तोगी को फीडबैक के रुप में दी। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की स्थिति को जानने के लिए नीति आयोग की माडरेटर श्रीमती नीलू रस्तोगी ने गुरुवार को जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से विभिन्न मुद्दों पर फीडबैक लिया। यह रिपोर्ट वे नीति आयोग को सौंपेंगी। फीडबैक देने वाली टीम में हर तरह के विशेषज्ञ शामिल रहे। माडरेटर श्रीमती नीलू रस्तोगी ने सीएमओ कार्यालय में एसीएमओ आरसीएच डॉ मोहन झा तथा जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ वाईपी सिंह, सर्विलांस अधिकारी डॉ ए के सिन्हा तथा जिला कार्यक्रम प्रबन्धक (डीपीएम) विनीत श्रीवास्तव के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से फीडबैक लिया। इस दौरान डॉ वाईपी सिंह ने जिला चिकित्सालय में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन सुविधाओं के बारे में भी बताया जिनकी जरुरत थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बारे में भी उन्होने बताया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एस रहमान ने बताया कि टीकाकरण की स्थिति काफी बेहतर है। इन्द्रधनुष 2 के प्रथम चरण में जिले की उपलब्धि 101 प्रतिशत रही है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आर पी राय ने जिले में बच्चों के इलाज के बारे में जानकारी दी तथा यह बताया कि बच्चों के लिए आईसीयू तथा पीआईसीयू की व्यवस्था हर ब्लाक स्तरीय सीएचसी व पीएचसी तथा जिला अस्पताल में है। जिला अस्पताल की नर्स मेण्टर श्रुति मिश्रा ने महिला रोग विभाग में चिकित्सकों की मौजूदगी के बारे में बताया। टीकाकरण व एएनसी चेकअप की बेहतर व्यवस्था के बारे में जानकारी भी दी। डॉ एल सी यादव तथा अन्य चिकित्सकों ने भी विभिन्न सुविधाओं के बारे में आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ महेश प्रसाद ने चिकित्सकों की कमी के बारे में उन्हें अवगत कराया। माडरेटर श्रीमती नीलू रस्तोगी ने सारी बातों को ध्यान से सुना और फीडबैक रिकार्ड किया। उन्होने बताया कि वह यहां पर मौजूद सुविधाओं से खुश हैं। साथ ही जिन सुविधाओं की कमी है उन्हें पूरा करने के लिए वह आयोग को फीडबैक देंगी।
‘दस्तक’ पर बेहतर काम देख हुई खुश
माडरेटर ने ग्रामीण इलाकों में साफ सफाई के बारे में पूछा तो सहायक मलेरिया अधिकारी सुनील चौधरी ने दस्तक अभियान के बारे में बताया और यह जानकारी दी कि 11 विभागों के सहयोग से दस्तक अभियान चलाया गया। नतीजा यह हुआ कि दस्तक अभियान के चलते जेई, एईएस तथा अन्य संचारी रोगों के मरीजों की संख्या में आधारभूत कमी आई है। इसे जानकर वे काफी खुश दिखीं।
ट्रायज एरिया विकसित करने पर जोर
फीडबैक लेने के दौरान ही उन्होने मरीजों के इलाज की प्राथमिकता तय करने के लिए ट्रायज एरिया की उपयोगिता के बारे में बताया। एसीएमओ आरसीएच डॉ मोहन झा ने उन्हे अवगत कराया कि महिलाओं के लिए ट्रायज एरिया विकसित किया गया है। शेष अन्य वार्डों में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मरीजों के इलाज के लिए प्राथमिकता तय की जा सके।