

कबीर की आवाज़_संवाददाता नसीम अंसारी :- रिपोर्ट
दिनांक 24.12 .2019 को संविधान बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट गोरखपुर के सभागार में अधिवक्ताओं द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया था ।
एवं जिलाधिकारी कार्यालय पर जाकर संविधान बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जिसमें वक्ताओं ने कैब एवं सी ए ए के पक्ष विपक्ष में अपने विचार रखें अपने विचार रखते हुए भारतीय इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष अधिवक्ता शोएब खान सिम्नानी ने कहा की आज सीए को लेकर समाज में भ्रम की स्थिति बनी हुई है धर्म के नाम पर कानून नहीं बनाया जा सकता यह संविधान की प्रस्तावना का ही उल्लंघन है एवं भारत की आत्मा के साथ धोखा एवं छल है भारत की जनता को मूर्ख बनाने का विफल प्रयास है भारत में हिंदू भाई लोग बहुसंख्यक हैं और जहां तक मेरी जानकारी है हिंदू एक सनातन धर्म है जिसमें वसुदेव कुटुंबकम के आधार पर समाज को चलाया जाता है हिंदू सनातन धर्म के अनुसार भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व एक परिवार है इस आधार पर धर्म जात और क्षेत्र को लेकर नफरत की दीवार नहीं खड़ी की जा सकती हिंदू धर्म मोहब्बत और अमन का पैगाम देता है बल्कि सारे धर्म देते हैं अर्थात सीएए कानून धर्म को आधार बनाकर पारित किया गया है एवं समाज को बांटने की कोशिश की गई है। पाकिस्तान अफगानिस्तान बांग्लादेश मैं मुसलमानों के भी कई ग्रुप अल्पसंख्यक हैं जिन पर जुल्म और जाति होती है अगर वर्तमान सरकार को पीड़ित वर्ग के लोगों को ही नागरिकता देनी थी तो उन लोगों का भी जिक्र करना चाहिए जैसे शिया मुसलमान अहमदिया मुसलमान हाजरा मुसलमान कादियानी मुसलमान यह सारे लोग बांग्लादेश अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हैं जिन पर आए दिन जुल्मोओ ज़्यादती होती है हमें इन धर्मों के लोगों को भी शरणार्थी के रूप में स्वीकार करना चाहिए इसलिए हमारी मांग है किसानों को वापस लिया जाए जो समाज में नफरत की दीवार खड़ा कर रहा है। अधिवक्ता जियाउल इस्लाम नेता समाजवादी पार्टी ने अपने विचार रखते हुए कहा की अगर कालिदास, तुलसीदास, रामचंद्र जी भगवान कृष्ण अगर हिंदुस्तानी थे तो उनके वंशज भी हिंदुस्तानी हैं इनको किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है इस कानून की कोई आवश्यकता नहीं थी यह बिला वजह दूसरे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस सरकार की जनता के साथ साजिश है।
सिविल कोर्ट गोरखपुर के पूर्व मंत्री बलवंत शाही एवं त्रियुगी शाही तथा सुशील साहनी सभी अधिवक्ता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि धर्म की बुनियाद पर कोई भी कानून पास नहीं होना चाहिए और ऐसे गृहमंत्री को तो रिजाइन कर देना चाहिए।
अधिवक्ता शोएब अंसारी अधिवक्ता तौहीद अहमद अधिवक्ता शफीउल्लाह अधिवक्ता जमील अहमद एवं अधिवक्ता मोहम्मद अहमद ने अपने विचार रखते हुए कहा की भारत का कानून एवं भारत की प्रस्तावना की मूल आत्मा के विरुद्ध है सीए ए सरकार ने इस कानून को पास करके मुसलमानों में भय का माहौल पैदा किया है हम सभी अधिवक्ता इस बात की निंदा करते हैं एवं इस कानून को वापस लेने की मांग करते हैं जब तक यह कानून वापस नहीं होता हम अधिवक्ताओं का पीसफुल विरोध जारी रहेगा। कार्यक्रम में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भाग लिया जिसमें मुख्य रूप से सिविल कोर्ट बार के अध्यक्ष आदरणीय शाही जी पूर्व अध्यक्ष अभिमन्यु पांडे जी एवं बार के चेयरमैन बच्चन गुप्ता जी मौजूद थे इन लोगों ने भी उक्त कानून के बारे मेंफैले हुए भ्रम की स्थिति से निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों से समझ बूझ से काम लेने की अपील की।

