कर्नाटक: कर्नाटक के सियासी उठापटक को देखते हुए मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की बुधवार को 11 दिन में तीसरी बैठक होने वाली है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक का मकसद गोवा और कर्नाटक के हालात को देखते हुए अपने विधायकों को एकजुट रखना है।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में सत्ताधारी गठबंधन कांग्रेस और जेडीएस के 16 विधायक विधानसभा से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि दो निर्दलीय विधायकों ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है।
वहीं, गोवा में कांग्रेस के 10 विधायक पाला बदल कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। 230 सदस्यीय एमपी विधानसभा में कांग्रेस के 114 और भाजपा के 109 विधायक हैं। इसके अलावा कमलनाथ को बसपा के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।
सूत्रों ने बताया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस और सहयोगी दलों सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों के साथ बैठक की पूरी तैयारी कर ली है।
वह डिनर बैठक के जरिये बुधवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में वित्तीय मामलों पर मत विभाजन के दौरान विधायकों को एकजुट रखना सुनिश्चित करना चाहते हैं। इससे पहले ऐसी ही बैठकें 7 और 11 जुलाई को हो चुकी हैं।