- जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संतकबीरनगर: एक तरफ आनलाइन शॉपिंग ने सामान व सेवाओं को खरीदने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाकर दुनिया भर में तहलका मचा दिया है। वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ता धोखाधड़ी का शिकार भी हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को प्रकाश में आया है, जिसमें एक महिला ने मीशो ट्रेडिंग एप से आनलाइन शॉपिंग की और कंपनी ने फटी साड़ी भेज दी। मामला उपभोक्ता आयोग में जा पहुंचा। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए साड़ी की पूरी कीमत ब्याज के साथ रुपए 40 हजार अतिरिक्त अदा करने का आदेश पारित किया है।
कोतवाली खलीलाबाद थानाक्षेत्र की गांधीनगर मोहल्ला निवासिनी साधना श्रीवास्तव ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल कर कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर फैशनियर टेक्नोलॉजी प्रा.लि. (मीशो) के साड़ी के भ्रामक विज्ञापन से प्रभावित होकर दिनांक आठ मार्च 2024 को दो साड़ी कीमत रुपए एक हजार 434 में क्रय किया। एक उत्पाद गणेशा क्रिएशन हब, सूरत और दूसरा वेंगटा फैशन वडोदरा, गुजरात के थे। दोनों उत्पाद की डिलेवरी उन्हें पांचवें दिन मिल गई, परंतु पैकेट के अंदर एक और पैकेट जिस पर जिसमें क्रेता मध्यप्रदेश निवासी और दूसरे पैकेट पर वहल, दिल्ली निवासी किसी अन्य महिला का नाम लिखा होने के साथ रिटर्न कोड भी दर्ज था। दोनों पैकेट में फटी साड़ी रखी हुई थी। उन्होंने कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराया, जिसे वापस करने की बात कही गई। बाद में टाल मटोल कर मना कर दिया गया। परेशान होकर उन्होंने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से कोर्ट का सहारा लिया।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा दोनों पक्ष के बहस को सुनने के उपरांत साड़ी की संपूर्ण कीमत 10 प्रतिशत ब्याज सहित क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 40 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है।