संतकबीरनगर के DPRO पर भारी भ्रष्टाचार के आरोपी डीपीआर ओ मनोज यादव के खिलाफ कभी भी हो सकती है कार्रवाई
उपनिदेशक पंचायती राज बस्ती द्वारा दिए गए समय सीमा के बाद उनके द्वारा प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन को लिखा गयापत्र,
मामले की गंभीरता को लेते हुए सुभाष का के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अजीम ने भी पंचायती राज मंत्री से उक्त अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा पत्
केके मिश्रा संवाददाता
संतकबीरनगर 27 नवंबर 2025। संत कबीर नगर के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) मनोज कुमार यादव पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, सरकारी धन की हेराफेरी और नियमों के दुरुपयोग के गंभीर लगेआरोप को लेकर उपनिदेशक जिला पंचायती राज मंडल बस्ती द्वारा 48 घंटा की समय सीमा देने के बाद भी स्पष्टीकरण में मिलने पर उनके द्वारा नाराजगी जताते हुए शासन को पत्र लिखकर डीपीआरओ मनोज यादव के ऊपर कार्रवाई करने के लिए मांगी गई संस्तुति ।
बताते चलें कि प्रयागराज के सामाजिक कार्यकर्ता पीयल आहूजा द्वारा उत्तर प्रदेश शासन को भेजे गए पत्र के आधार पर जिसमें कुल साथ गंभीर अनियमिताओं का आरोप लगाया गया है जो प्रमुख रूप से हैं वेतन में बड़ी हेरा फेरी गलत पे लेवल पर वेतन आधारित करने और मूल सेवा पुस्तिका उपलब्ध नहीं करने का आरोप मंडे रोककर वसूली का आरोप संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर का महीनो के मानदेय रोकना और दबाव बनाकर धनराशि मांगना सरकारी वाहन का दुरुपयोग सरकारी गाड़ी से लखनऊ स्थित निजी आवास तक जाना और सफाई कर्मी से वहां चलवाना डीजल की बड़ी हेरा फेरी लाख बुक में हेर फेर कर सरकारी धन का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था सचिवों और पंचायत अधिकारियों का वेतन रोके जाने का आरोप 5 6 महीने तक भुगतान न करने और अवैध वसूली के बाद एरिया जारी करने का आरोप ग्राम पंचायत की जांच रिपोर्ट रोके जाने का आरोप जांच से मुक्ति देने में कथित आर्थिक लेनदेन गैर कानूनी ढंग से वित्तीय अधिकार देने का आरोप 2018 में 22 के ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्रभारी पद देकर डोंगल एक्टिवेशन करना इनमें से कई आरोपों की पुष्टि कुछ पंचायत अधिकारियों और सचिवों के नाम न छापने की शर्त पर हो चुकी है उनके द्वारा निष्पक्ष जांच और निलंबन की मांग शिकायतकर्ता पी एल आहूजा ने शासन से किया था उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज उपनिदेशक बस्ती मंडल बस्ती द्वारा 48 घंटे का समय देते हुए डीपीआरओ मनोज यादव को समय दिया गया था लेकिन मनोज यादव द्वारा किसी भी प्रकार का कोई भी स्पष्टीकरण निदेशक बस्ती मंडल बस्ती को नहीं दिया गया मामले की गंभीरता को देखते हुए उपनिदेशक बस्ती पंचायत राज समरजीत यादव द्वारा शासन को अपने पत्र के माध्यम से जानकारी दिया गया इनको यह द्वारा बताया गया है की डीपीआरओ मनोज यादव संत कबीर नगर के द्वारा किसी भी प्रकार का कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलने से यह जाहिर हो चुका है कि इनकी संलिपितता संबंधित मामले में पुस्ट होती है,
इनके कर प्रणाली से जनपदीय जनप्रतिनिधि भी दबी जबान से मुखर होना शुरू हो गए हैं इतना ही नहीं सुभासपा के प्रदेश कार्यकारिणी में जनप्रतिनिधि मोहम्मद अजीम द्वारा भी यह स्वीकार किया गया है कि उक्त अधिकारी के द्वारा तमाम भ्रष्टाचार किए गए हैं जिसकी शिकायत हम लोग शासन से किया करते हैं इनकी कार्य प्रणाली ठीक नहीं है इस संबंध में मैं पंचायती राज्य मंत्री माननीय ओमप्रकाश राजभर से भी करूंगा ताकि उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा सके,
इतना सब कुछ होने के बाद भी ऐसा लगता है कि सूत्रों की अगर मन तो इस भ्रष्टाचार में कहीं ना कहीं राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है जिसके बल पर उक्त अधिकारी द्वारा बिना डरे वेबाकी से कार्य किया जा रहा है,
अब देखना यह होगा कि उक्त भ्रष्टाचार पर शान कितना संज्ञान लेता है या अपने विभागीय अधिकारियों के पत्र को रद्दी की टोकरी में डालकर मामला इति श्री कर देगा, यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है तो शिकायतकर्ता द्वारा एक जनहित याचिका दाखिल किया जा सकता है जैसा की पल आहूजा ने अपने पत्र में पहले से भी चेतावनी दे रखी है,
के केमिश्राजर्नलिस्ट