
- मेंहदावल ब्लाक सभागार में आयोजित हुआ साक्षरता शिविर
संतकबीरनगर : जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देशन में शनिवार को मेंहदावल ब्लाक सभागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों को वृद्धजनों के भरण पोषण के निमित्त बने कानून का विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि भरण पोषण से वंचित वृद्धजनों का इस कानून का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक 60 वर्ष से ऊपर के भरण पोषण से वंचित वृद्ध व्यक्ति अपने उपखंड अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर इस अधिकार को प्राप्त कर सकता है। अज्ञानता के कारण उन्हें विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सक्षम अधिकारी 30 दिनों के भीतर पीड़ित व्यक्ति के नातेदार को इस आशय का आदेश देंगे। उक्त रकम प्रति माह अधिकतम रुपए 10 हजार से अधिक नही होगा।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों को इस अधिनियम के बारे में अन्य लोगों को बताने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विधिक सेवा से संबंधित टोल फ्री नंबर 15100 तथा 13 दिसंबर को आयोजित होने वाले लोक अदालत के बारे में बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित होने की बात कही। इस दौरान एडीओ शिव बहादुर, पीएलवी अफ़राक अहमद, जितेंद्र कुमार यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
इंसर्ट :-
अपर जिला जज ने मेंहदावल के अधिवक्ताओं को किया जागरूक
✅जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देशन में मेंहदावल तहसील में आयोजित हुआ कार्यक्रम।
जिला जज, संत कबीर नगर मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देश पर प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला जज द्वारा मेंहदावल तहसील के अधिवक्ता चैम्बर्स में एक जागरूकता शिविर का भी आयोजित किया गया,जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवेन्द्र नाथ गोस्वामी द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा बच्ची देवी बनाम उ0प्र0 राज्य एवं अन्य में पारित दिशानिर्देशों के सम्बन्ध में संवेदनशील किया गया। उक्त संवेदनशीलता कार्यक्रम में यह बताया गया कि यदि कोई अभियुक्त विवेचना के दौरान विवेचक द्वारा अभिरक्षा में नहीं लिया गया है और विवेचना के समाप्त होने के उपरान्त जब न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है तथा अभियुक्त न्यायालय में समन पर उपस्थित आता है, उस दशा में उक्त अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में सम्बन्धित न्यायालय द्वारा नहीं लिया जाएगा वरन मात्र व्यक्तिगत बन्धपत्र लेकर उसे छोड़ दिया जाएगा। यदि न्यायालय उचित समझे तो अग्रिम कार्यवाही में अभियुक्त से प्रतिभू की मांग कर सकती है। उस दशा में अभियुक्त को न्यायालय में सक्षम प्रतिभू दाखिल करना होगा। कार्यक्रम का संचालन चीफ डिफेंस काउंसिल अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने किया। उक्त जागरूकता कार्यक्रम में मेंहदावल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम प्रसाद पाठक, पूर्व अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी, अधिवक्ता आकाश शाही, असिस्टेंट लीगल काउंसिल मो. दानिश, अधिवक्ता अवधेश कुमार पांडेय समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।