- जिला उपभोक्ता आयोग ने विद्युत विभाग के खिलाफ सुनाया फैसला
- बगैर विद्युत कनेक्शन के ही विभाग ने जारी किया था आरसी
संतकबीरनगर : विद्युत विभाग की मनमानी उसके लिए ही भारी पड़ गई। बिना कनेक्शन के ही वसूली अधिपत्र जारी करने के मामले को न्यायालय ने गंभीरता से संज्ञान ले लिया। वसूली अधिपत्र को निरस्त करने का आदेश हुए क्षतिपूर्ति व वाद व्यय के रुप में उपभोक्ता को रुपए 30 हजार 60 दिनों के भीतर चुकाने का आदेश दिया है। ऐसा न करने के पर न्यायालय विभाग के खिलाफ ही वसूली अधिपत्र जारी कर सकता है। उक्त फैसला जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने सुनाया है।
बखिरा थानाक्षेत्र के लेडुआ महुआ गांव निवासी मो. याकूब ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल कर कहा कि उनका कोई मकान ग्राम गगनई, मेंहदावल में नही रहा है। उनका परिवार रजिस्टर व जाति प्रमाण पत्र समेत समस्त कागजात लेडुआ महुआ गांव से ही बना है। उन्होंने अपने गांव में अपनी पत्नी के नाम से विद्युत कनेक्शन ले रखा है। इसके पूर्व उनके घर परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से कभी कोई कनेक्शन नही रहा है। विद्युत विभाग द्वारा गगनई, धौरापार से दिनांक एक फरवरी 2023 को रुपए दो लाख 89 हजार 275 जिस पर नोटिस व्यय रुपए 25 तथा संग्रह व्यय रुपए 14 हजार 465 कुल तीन लाख तीन हजार 765 का वसूली अधिपत्र जारी कर दिया गया। बार-बार शिकायती प्रार्थना-पत्र देने के उपरान्त सिर्फ यह कहा गया कि हम जांच कराते हैं। वहीं मुकदमें के जवाब विभाग द्वारा कहा गया कि परिवादी मुकदमे बाज किस्म का व्यक्ति है, अपने विद्युत बकाया को छिपाकर अपने पत्नी के नाम से कनेक्शन ले लिया है।
न्यायालय ने दोनों पक्ष के बहस को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत विद्युत विभाग के तर्कों को निराधार मानते हुए उपभोक्ता के खिलाफ जारी वसूली अधिपत्र निरस्त कर दिया है और 60 दिनों के भीतर उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 30 हजार अदा करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर उपभोक्ता के अनुरोध पर विद्युत विभाग के खिलाफ ही वसूली अधिपत्र जारी हो जायेगा।