
रिपोर्ट :- फय्याज (जिला संवाददाता बस्ती)
बस्ती जनपद दो जुलाई इंडियन मेडिकल एसोसियेशन की बस्ती शाखा की ओर से डाक्टर्स डे पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा० अनिल कुमार श्रीवास्तव के संयोजन में स्टेशन रोड स्थित एक होटल में सम्मान समारोह के साथ एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। जाने माने चिकित्सक, पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत रत्न डा० विधान चंद्र राय के जन्मदिन पर मनाये जाने वाले इस कार्यक्रम में शहर के नामचीन चिकित्सक मौजूद रहे और दीप प्रज्ज्वलित करने के उपरान्त उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। डा० ने डा० राय के जीवनवृत्त पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये कहा कि उनका पूरा जीवन चाहे राजनीति का क्षेत्र रहा हो या फिर चिकित्सा का मानवता को समर्पित रहा।
उनकी मानवीय संवेदनायें हम चिकित्सकों के लिये प्रेरणास्रोत हैं और आगे भी रहेंगी। डा० अनिल ने आईएमए सदस्यों द्वारा मिल रहे सहयोग तथा महत्वपूर्ण सांगठनिक योगदान की सराहना की और उनके प्रति कृतज्ञता जाहिर की। आईएमए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा० अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि चिकित्सा पेशा मानवीय संवेदनाओं से जुडी है। हम चिकित्सकों से बेहतर इस बात को कोई नही समझता। धनार्जन सभी को उद्देश्य है लेकिन हम चिकित्सक यदि मानव सेवा और संवेदनाओं को दरकिनार कर दें तो कुछ नहीं बंचेगा।
पूर्व सचिव डा० रंगजी द्विवेदी ने डा० विधानाचंद्र राय के जीवन से जुड़े कई ऐसे तथ्य उजागर किये जिसे सामान्य व्यक्ति नही जानता। पाँच वर्षों के अपने अध्ययन काल में वे सिर्फ़ पाँच रुपये की पुस्तक ही ख़रीद सके थे। शेष पुस्तकों के लिए उन्हें पुस्तकालय और अपने मित्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होने अध्ययनकाल में घोर संकट का सामना किया और संघर्षो के दम पर राजनीति, चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में अमर हो गये। आईएमए सचिव डा० नवीन कुमार चौधरी ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। अंत में संरक्षक डा० के०के० तिवारी ने डा० राय को चिकित्सकों का गौरव बताते हुये सफल आयोजन के लिये सभी आईएमए सदस्यों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता जाहिर की। उन्होने कहा चिकित्सकों का समाज में अति महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन समाज को भी चिकित्सकों को और उनकी सेवा को समझना व सम्मान देना चाहिये।
पूर्व सचिव डा. रंगजी द्विवेदी ने डा० विधानाचंद्र राय के जीवन से जुड़े कई ऐसे तथ्य उजागर किये जिसे सामान्य व्यक्ति नही जानता। पाँच वर्षों के अपने अध्ययन काल में वे सिर्फ़ पाँच रुपये की पुस्तक ही ख़रीद सके थे। शेष पुस्तकों के लिए उन्हें पुस्तकालय और अपने मित्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होने अध्ययनकाल में घोर संकट का सामना किया और संघर्षो के दम पर राजनीति, चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में अमर हो गये। आईएमए सचिव डा० नवीन कुमार चौधरी ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। अंत में संरक्षक डा० के०के० तिवारी ने डा० राय को चिकित्सकों का गौरव बताते हुये सफल आयोजन के लिये सभी आईएमए सदस्यों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता जाहिर की। उन्होने कहा चिकित्सकों का समाज में अति महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन समाज को भी चिकित्सकों को और उनकी सेवा को समझना व सम्मान देना चाहिये।
डाक्टर्स दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दे रही महान विभूतियों को सम्मान पत्र व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इनमें कृषि क्षेत्र में पद्श्री सम्मान प्राप्त डा. रामचेत चौधरी को कृषि गौरव, शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डा० सर्वेष्ट मिश्र को शिक्षाश्री, समाजसेवा के क्षेत्र में मार्ग दुर्घटनाओं में घायलों को अस्पताल पहुचाने वाले हाई देववेदूत प्रमोद ओझा को सेवाश्री तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में बेबाकी और निष्पक्षता से अपनी पहचान बनाने वाले पत्रकार अशोक श्रीवास्तव को पत्रकार गौरव सम्मान से नवाजा गया।
विगत कई वर्षों से स्कूल कालेजों में जाकर तथा अलग अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और छात्र छात्राओं को महिलाओं को होने वाली बीमारियों, माहवारी के दौरान स्वच्छता सहित तमाम जानकारियां देकर उन्हे जागरूक करने वाली आईएमए की मिशन पिंक हेल्थ विंग टीम को भी प्रतीक चिन्ह व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमे आईएमए की मिशन पिंक हेल्थ विंग टीम की अध्यक्ष डा० कैप्टन श्रीमती पुष्पलता मिश्रा, उपाध्यक्ष डा० श्रीमती अलका शुक्ला तथा सचिव डा० श्रीमती ऊषा सिंह तथा सचिव डा० श्रीमती ऊषा सिंह का योगदान अनुकरणीय रहा ।
डा० ए०पी०डी० द्विवेदी, डा० एमपी सिंह, डा० पी के श्रीवास्तव, डा० एम एम सिंह, डा० दीपक श्रीवास्तव, डा०पीके श्रीवास्तव, डा० श्रीमती प्रमिला सिंह, डा०ए०आर० खान, डा० सत्येंद्र राय, डा. शैलेंद्र चौधरी, डा० तैयब अंसारी, डा० राकेश कुमार सिंह, डा० श्रीमती आभा सिंह, डा० बी पी त्रिपाठी, डा० मोहम्मद आसिम फारुकी, डा० प्रमोद चौधरी, डा० सी एल कनौजिया, डा० श्रीमती सोनल सिंह, डा० प्रदीप कुमार सिंह, लवकुश पटेल आदि की उपस्थिति रही।