
रिपोर्ट :- बब्लू पूर्वांचल प्रभारी (यू०पी०)बस्ती
बस्ती जनपद में वर्ष 2013से सुरक्षित व सुगम यातायात के नाम पर बस्ती जनपद में 40कलोमीटर के स्थापित टोल प्लाजा चौकडी जो कि तालाब की जमीन पर भी निर्मित है। उक्त टोल को हटाने हेतु समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा ने पत्राचार के माध्यम से मांग शुरू किया किन्तु टोल हटना तो दूर सुरक्षित व सुगम यातायात की सुविधाएं भी बहाल नहीं की गई जिसके चलते जाने कितनी घटनाओं में लोग न केवल चोटिल हुए अपितु कुछ तो काला के गाल में समा गये खुद समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा भी जनपद के हर्रैया तहसील मुख्यालय के पास अण्डरपास विहीन मुरादीपुर चौराहे पर 2015में दुर्घटना के शिकार हुए जिसमें उनके दांये पैर का पटेला टूटने के चलते जहां उनका लाखों रूपया दवा में व्यय हुआ वहीं उनका कार्य व्यवसाय भी वर्षों प्रभावित रहा फलत: टोल प्लाजा चौकडी हटाने खुले चौराहों पर अण्डरपास बनाने व अण्डरपास के अभाव में दुर्घटना का एक शिकार लोगों को प्रतिपूर्ति दिलाने हेतु उन्होंने अपनी लड़ाई तेज करते हुए की बार तहसील व जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन व घेराव करते हुए अपनी मांग
उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन सत्ता को प्रेषित किया जिसके क्रम में फुटहिया में अण्डरपास निर्माण के साथ साथ हर्रैया व छावनी में लोहे का फुटवेयर बनाया फुटवेयर को अनुपयोगी बताते हुए श्री पाण्डेय ने अपने मांग को दोहराते हुए आमरण-अनशन पर बैठ गये अनशन समाप्त कराते हुए उच्चाधिकारियों व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मेदारों ने सभी चौराहों पर शीघ्र अण्डरपास निर्माण कराने व अण्डरपास निर्माण न होने तक जनपद के लोगों से पूर्व की भांति टोल शुल्क न लेने का आश्वासन तो दिया किन्तु समाजसेवी की शिकायतों से खार खायें टोल चौकड़ी के जिम्मेदारों ने लोकसभा चुनाव 2019के दौरान न केवल निर्दल प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लल्ल लड रहे सुदाम की गाड़ियों को टोल शुल्क के नाम पर रोका टोकी शुरू की अपितु एक दिन उनके चालक की पिटाई कर दी जिसकी सूचना पाकर घटना स्थल पहुंचे श्री पाण्डेय सर्विसलेन पर धरने पर बैठ गये जिसकी सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया मामले की जानकारी होने पर अपर जिलाधिकारी बस्ती के निर्देश पर टोल
अधिकारियों ने दोषी कर्मचारी को निष्कासित कर धरना समाप्त कराया किन्तु राजनीतिक प्रभाव के माध्यम से उल्टा श्री पाण्डेय के उपर 452जैसी गंभीर धारा में अभियोग दर्ज करा दिया जिसकी जानकारी समाजसेवी को मार्च 2023में तब हुई जब एसीजीएम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस उन्हें प्राप्त हुआ फलत: श्री पाण्डेय ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में आपने अधिवक्ता कन्हैया लाल तिवारी के माध्यम से जनहित याचिका दाखिल कर दिया जिसकी सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने सचिव भूतल परिवहन मंत्रालय भारत सरकार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली के साथ साथ पीडी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण गोरखपुर व जिलाधिकारी बस्ती को नोटिस जारी कर नियम विरुद्ध 60किमी के भीतर तालाब की जमीन पर स्थापित टोल के संदर्भ में जबाब मांगा जिसके क्रम में पीडी गोरखपुर द्वारा दाखिल जबाब के क्रम में याची के अधिवक्ता ने भी रीज्वाइंडर दाखिल कर रखा है जिसके शीघ्र सुनवाई की याचना हेतु आज एक बार पुनः समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ने हाईकोर्ट पहुंच कर अपने अधिवक्ता के माध्यम से जनहित में शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया व उम्मीद जताया है
कि शीघ्र अवैध टोल प्लाजा समाप्त होगा उन्होंने कहा कि भूतल परिवहन मंत्री वर्षों से पत्रकार वार्ता में यहां तक कि सदन में कह चुके हैं कि अवैध टोल टैक्स शीघ्र समाप्त होंगे किन्तु मोदी सरकार के 15लाख के जुमले की भांति न केवल उनके भूतल परिवहन मंत्री का सदन में दिया आश्वासन झूठा साबित हो रहा है अपितु जनपद के सत्ता व विपक्ष के जनप्रतिनिधि सांसद विधायक उक्त प्रकरण पर मौन साधे हुए हैं। जनता को ऐसे जनप्रतिनिधियों से सवाल करना चाहिए।