टीबी रोगी खोजी अभियान में मिले 32 लोगों में हुई टीबी की पुष्टि
– जिले में समाप्त हुआ टीबी रोगी खोजी अभियान
– खलीलाबाद में सबसे अधिक 11 टीबी रोगी मिले
संतकबीरनगर 24 अक्टूबर 2019
जितेन्द्र चौधरी


स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चलाया जा रहा टीबी रोगी खोजी अभियान समाप्त हो गया। इस दौरान अब तक कुल 32 मरीज मिले हैं। वहीं कुछ और सेम्पलों की जांच की जा रही है। खलीलाबाद क्षेत्र में सबसे अधिक 11 टीबी के मरीज पाए गए हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसडी ओझा ने बताया कि जिले में यह अभियान 10 से 23 अक्टूबर तक चलाया जाना था। आशा सम्मेलन के चलते अभियान की तिथि एक दिन आगे बढ़ा दी गई थी। इस अभियान में 470 संभावित टीबी रोगियों के सेम्पलों की जांच की गई। इसमें कुल 32 रोगियों में क्षय रोग की पुष्टि हुई। जिसमें से खलीलाबाद क्षेत्र में 11, मेंहदावल में 3, हैसर में 2, सेमरियांवा में 6, सांथा में 1, नाथनगर में 2, शनिचरा में 7 मरीज टीबी के पाजिटिव पाए गए। वहीं बघौली में एक भी मरीज पाजिटिव नहीं पाया गया। पिछले 5 अभियानों में कुल 145 टीबी के मरीज पाए गए। नए 32 मरीजों को जोड़ने के बाद इनकी कुल संख्या 177 हो गई है। इन मरीजों का इलाज शुरु हो गया है। साथ ही हर माह उन्हें 500 रुपए पोषण भत्ता के रुप में दिया जा रहा है।
बी सेम्पल की जांच के बाद बढ़ सकती है संख्या
टीबी के जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनन्द बताते हैं कि टीबी रोगियों के सेम्पल की प्राथमिक जांच हो गई है। लेकिन अभी तक बी सेम्पल की जांच नहीं हुई है। अभियान समाप्त होने के बाद बी सेम्पलों को जांच के लिए लगाया जाएगा। यह जांच पूरी हो जाने के बाद अभियान में अभी तक मिले टीबी रोगियों की पूरी संख्या सामने आ पाएगी।
जेडी ने किया दौरा, दिए विविध दिशा निर्देश
अभियान के अन्तिम दिन लखनऊ से आए टीबी विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ एच के अग्रवाल और डा विपिन ने जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसडीओझा तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनन्द के साथ विभिन्न केन्द्रों का दौरा किया। साथ ही जांच में लगी हुई आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विविध निर्देश भी दिए। डॉ अग्रवाल ने कहा कि देश से टीबी को 2025 तक समाप्त करना है। टीबी को समाप्त करने के लिए अभियान से जुड़े सभी लोगों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी करना होगा।
ये लक्षण दिखें तो जरुर करा लें जांच
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसडी ओझा ने कहा कि अगर आपके अन्दर छ: प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो कतई नजरंदाज न करें। इनमें दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना। खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना। वजन काघटना। बुखार व सीने में दर्द, शाम के समय हल्का बुखार होना। रात में बेवजह पसीना आना। भूख कम लगने जैसी समस्या है तो अवश्य ही अपनी जांच करा लें। जांच के उपरान्त समय पर इलाज हो जाने से टीबी ठीक हो सकता है।
चित्र परिचय – टीबी अभियान की समीक्षा करते हुए संयुक्त निदेशक