ट्रायज एरिया में तय होगी गर्भवती महिलाओं के इलाज की प्राथमिकता
– लेबर रुम ले जाने से पहले ट्रायज एरिया में ही होगी प्राथमिक जांच
– प्राथमिक जांच में सीरियस मरीज का पहले ही हो जाएगा इलाज
संतकबीरनगर 11 अक्टूबर 2019
जितेन्द्र चौधरी

जांच की प्रतीकात्मक फोटो 
जांच की प्रतीकात्मक फोटो 
डॉ0 हरगोविन्द सिंह, सीएमओ
महिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के इलाज की प्राथमिकता तय करने के लिए अब ट्रायज एरिया बनाए जाएंगे। इसी ट्रायज एरिया में महिला के इलाज की प्राथमिकता तय कर दी जाएगी। जो मरीज सीरियस होगा उसका पहले ही इलाज कर दिया जाएगा। भले ही उसका पर्चा सबसे अन्तिम नम्बर पर बना हो , ताकि इलाज में देरी के चलते महिलाओं को होने वाली परेशानियों से रोका जा सके।
उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) के डिस्ट्रिक टेक्निकल स्पेशलिस्ट डॉ जगदीश ने बताया कि अस्पताल में पर्ची बनवाने के बाद नम्बर लगाया जाता था । चिकित्सक उसी नम्बर के आधार पर मरीजों को देखते थे। इसके चलते कभी-कभी सीरियस मरीज का भी नम्बर बाद में आता था और इलाज के अभाव में मरीज की स्थिति बिगड़ जाती थी। अब अस्पतालों में ट्रायज एरिया विकसित किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक के पास या लेबर रुम जांच में भेजने से पहले उन्हें ट्रायज एरिया में ले जाया जाएगा। वहां पर उनकी प्राथमिक जांच की जाएगी। उनका पल्स रेट, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबीन आदि कुछ ही मिनटों के अन्दर ट्रायज एरिया में देख लिया जाएगा। इसके बाद जो मरीज सीरियस होगा, उसको पहले देखा जाएगा, ताकि इलाज में देरी के चलते जच्चा – बच्चा को कोई नुकसान न होने पाए। भले ही मरीज का पर्चा सबसे अन्त में बना हो, लेकिन उसका इलाज सबसे पहले होगा, अगर वह सीरियस होगा।
जिला अस्पताल में बन गया है ट्रायज एरिया
ट्रायज कार्नर के महत्व को समझते हुए जिला अस्पताल में ट्रायज एरिया बना दिया गया है। जबकि सीएचसी सेमरियांवा में बनाने का कार्य चल रहा है। अन्य ब्लाक स्तरीय पीएचसी और सीएचसी पर ट्रायज एरिया बनाने की व्यवस्था की जा रही है।
ट्रायज एरिया में होगी यह व्यवस्था
ट्रायज एरिया अस्पताल के महिला विंग में स्थापित होगा। इस कार्नर में एक जांच टेबल, बैठने के लिए एक टेबल, महिलाओं के जांच की किट, ब्लड प्रेशर मशीन होगी। यह पूरी तरह से केबिन की तरह से होगा। ताकि महिलाओं की प्राथमिक जांच त्वरित रुप से की जा सके।
मरीजों को यह होगा लाभ
अगर इलाज के लिए 20 महिलाएं आई हैं। इसमें से एक को हल्का बुखार है, एक का पेट दर्द कर रहा है तथा एक का बच्चा उल्टा हो गया है। जबकि उसका नम्बर 19 है। जांच के बाद यह प्राथमिकता तय हो जाएगी कि पहले किसका इलाज किया जाएगा। ताकि इलाज देरी न हो पाए।
विकसित किया जा रहा है ट्रायज एरिया – सीएमओ
सीएमओ डॉ हरगोविन्द सिंह ने बताया कि जिला अस्प्ताल में ट्रायज एरिया विकसित कर दिया गया है। शेष ब्लाक स्तरीय प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में यह व्यवस्था की जा रही है। ताकि अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं में सीरियस महिलाओं का इलाज पहले हो सके।