
अरसे बाद मिले साथियों ने की यादें ताजा
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
गोरखपुर विश्वविद्यालय एमकाम 1979 बैच के प्रोफेसरों एवं पुरातन छात्रों का समागम (गैलेक्सी-2022) शास्त्री चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में सम्पन्न हुआ। गोरक्ष नगरी में स्थापित गोरखपुर विश्वविद्यालय के एमकाम के छात्र शिक्षा ग्रहण करने के उपरान्त देश के भिन्न-भिन्न स्थानों पर विभिन्न व्यवसायों में कार्यरत है। कोई प्रिन्सिपल है, कोई अध्यापक, तो कोई व्यापार में, तो कोई शासकीय सेवा में। वर्ष 1979 में विश्वविद्यालय छोड़ने के 43 वर्षों के उपरान्त इन छात्रों के मन में यह उत्कंठा जागृति हुई कि क्यों न हम लोग एक स्थान पर एकत्रित होकर अपनी पुरानी यादों को ताजा करें एवं छात्र जीवन के उपरान्त व्यतीत हुए 43 वर्षों के अपने सुखद एवं दुखद अनुभवों को आपस में बाटें। गोरखपुर विश्वविद्यालय वाणिज्य संकाय के तत्कालीन गुरूजन प्रो. एस. एन. चतुुर्वेदी, टी.पी.एन. श्रीवास्तव, एम.सी. गुप्ता एवं आर.एस. सिंह उपस्थित रहें वहीं दूसरी तरफ पुरातन छात्र में अब्राहम सेबेस्टियन (प्रधानाचार्य एमबीए कालेज, केरला) दिनेश कुमार पाण्डेय (वरिष्ठ प्रबन्धक, जिला सहकारी बैंक) जगदेव शुक्ला ( बीजी आफिस, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर) कृष्ण कुमार जालान (आटो पार्टस डीलर), श्री मुरारी लाल कानोडिया, ओम प्रकाश गोयल (भूतपूर्व प्रबन्धक लेखा सुगर फैक्ट्री), राजेन्द्र गोयनका (खादी टेडर्स, गोरखपुर) राकेश कुमार गर्ग (प्रबन्धक वित्त गीडा) राधे श्याम अग्रवाल, (संजय स्टोर अलीनगर) सुशील कुमार गोयल (डीलर पारले एग्रो एवं सेनेट्री वेयर) एवं सादिक अमीन अन्सारी (लाज, नखास) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ ईश्वर की प्रार्थना से किया गया, इसके पश्चात् आगन्तुकों का स्वागत किया गया। तदोपरान्त केक काटा गया। समस्त प्रोफेसरों एवं छात्रों का एक दूसरें से परिचय कराया गया। स्वागत गीत के उपरान्त सभी अध्यापकों एवं छात्रों ने एक दूसरें से अपने-अपने इस 43 साल के लम्बी अवधि के दौरान अनुभवोें को बाॅटा। साथ ही छात्रों एवं अध्यापकों का यह मत बना कि इस तरह के कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष अथवा एक वर्ष के अन्तराल पर देश के विभिन्न भागों के आयोजित किये जायें। इससे आपसी मित्रता, भाईचारें एवं देश की एकता एवं अखण्डता को बल प्राप्त होगा। अग्रेत्तर कार्यक्रम हेतु अब्राहम सेबेस्टियन को अध्यक्ष एवं सादिक अमीन अन्सारी को सचिव चुना गया। उक्त कार्यक्रम के संयोजन में फादर जोस सीएसटी (सुपीरियर निर्मल आश्रम मिठौरा) फादर जान सीएसटी (भू.पू. प्रोफेसर क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर), फादर मैथ्यू सीएसटी (भू.पू. प्रिसिपल सेन्ट जोसेफ स्कूल, सिविल लाइन्स) एवं फादर राय वेट्कारा सी.एस.टी. (प्रबन्धक, लिटिल फलावर पालीटेक्निक कालेज, खोरावार) एवं उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।
इस मौके पर केरल के डा. अब्राहम सेबेस्टियन ने सब्सटेंस एब्यूज एक सामाजिक समस्या विषय पर अपना व्याख्यान दिया। जबकि फादर माईकल ने नेपाल के चेपांग बच्चो की शिक्षा पर विशेष प्रकाश डाला साथ ही फादर सीजो ने प्रतीक्षा आश्रय गृह के क्रिया कलापों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन फादर जोस मंजियिल ने किया और राकेश कुमार गर्ग ने आए हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रो. एस.एन. चतुर्वेदी, प्राचार्य एमएसआई पीजी कालेज साहिद जमाल, फादर जोस मंजियिल, फादर साबू, फादर माईकल, अब्राहम सेबेस्टियन, सादिक अमीन अंसारी, सुशील कुमार गोयल, वेद प्रकाश अग्रवाल, धर्मदेव सिंह, दिनेश कुमार पाण्डेय, विनोद कुमार श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार जालान, राजेन्द्र गोयनका, डा. अमरनाथ जायसवाल आदि गणमान्य लोग शामिल रहें।