
मोहम्मद राफे
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
मौलाना आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज के द्वारा कॉलेज के मैदान में महिलाओं के लिए जलसा (कार्यक्रम) विषयक ‘‘मौजूदा दौर और महिलाएं’’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज में नवनिर्मित हॉल का शुभारंभ महबूब सईद हारिस, प्रबन्धक, मियां साहब इस्लामिया इंटर कॉलेज, गोरखपुर के हाथों से किया गया। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मौलाना आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज अपने इलाके का एक ऐसा कालेज है जो सालों से लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस कालेज को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेषकर कॉलेज के प्रबन्धक अफजाल अहमद अंसारी का इस तरह का कार्यक्रम आयोजन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कॉलेज के प्रबन्धक अफजाल अहमद अंसारी ने कहा कि हम इस कालेज को एक आदर्श कालेज बनाना चाहते हैं जिसके लिए हम भरपूर कोशिश कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि इस कालेज से पढ़ कर निकलने वाली छात्राएं समाज में आकर अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सलाहियतों का इस्तेमाल करके समाज और देश का नाम रौशन करें। इस सम्बन्ध में लड़कियों के लिए एक डिग्री कालेज की भी सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।
महिलाओं के इस जलसे का शुभारंभ कुरान की तिलावत और तर्जुमा से किया गया। उसके बाद कालेज की प्रधानाचार्य बिलकीस अजहरी ने लोगों का स्वागत करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा किस तरह का जलसा हमारे यहां पहली बार हो रहा है हम कोशिश करेंगे कि आगे इस का सिलसिला जारी रहे।
मुख्य अतिथि अफरोज बानो (माता ऐमन जमाल, आईपीएस) ने अपनी अध्यक्षता में कहा कि हमें अपने बच्चियों को हर क्षेत्र के लिए तैयार करना है, अगर कोई महिला हिम्मत कर ले और थोड़ा त्याग करे तो अपनी बच्चियों को ऊंचा स्थान दिला सकती है।
विचार व्यक्त करते हुए अज़रा सिद्दीका ने कहा कि अफसोस की बात है कि जिस इस्लाम की शिक्षा का प्रारंभ ही ‘‘इक़रा’’ से हुआ था, आज उसी इस्लाम के मानने वाले शिक्षा के मैदान में बहुत पीछे नज़र आते हैं। इस्लाम ने महिलाओं को जो उच्च स्थान दिया गया है, वैसा स्थान किसी दूसरे धर्म में दिखाई नहीं देता। नौशीन अम्बर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया की नज़रें हम पर हैं, कभी हिजाब पर, कभी इस्लामी शिक्षाओं पर, कभी हमारे व्यक्तित्व पर और कभी हमारे पारिवारिक व्यवस्था पर प्रश्न उठाए जा रहे हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी शिक्षा, किरदार और अपने विभिन्न योग्यताओं से उनका जवाब दें।
इस शुभ अवसर पर मौलाना आजाद प्राइमरी स्कूल और इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अपने शैक्षणिक योग्यताओं का प्रदर्शन किया जिसमें कुरान की तिलावत, नज़्म, उर्दू तकरीर और इंग्लिश तकरीर आदि पेश किए गए। उपस्थित महिलाओं ने छात्राओं के कार्यक्रम को सराहा और उनको दुआओं से नवाजा। इस जलसे में महिलाओं और लड़कियों की एक बड़ी संख्या ने उपस्थित होकर जलसे को कामयाब बनाया। मौलाना आजाद प्राइमरी स्कूल की प्रधानाचार्य तलत जहां और डा0 मो ऐमन ने जलसे को कामयाब बनाने अपना भरपूर योगदान दिया।