शासकीय निर्देशों के विपरीत अभियंताओ ने व्ययाधिक कर 2245.25 लाख किया बंदरबांट

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के भ्रष्ट संगठित अभियंताओं के भ्रष्टाचार की वीर गाथा की व्याख्या करना सामान्यतः संभव नहीं है परंतु इनके भ्रष्टाचार की वीरगाथाओं का वर्णन न करना भी श्रेयष्कर नहीं है।
गोरखपुर पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने अपने वीरगाथाओं के क्रम में गठित अनुबंध से बचे धनराशि रुपए 10.20 करोड़ बगैर शासकीय स्वीकृति के कथित कार्य मदों में बंदरबांट कर लिया गया जिसकी पुष्टि कार्यालय प्रधान लेखाकार के लेखा परीक्षा के भाग 2 “अ” प्रस्तर 10 के पृष्ठ संख्या 40 से 41 एवं मय शीर्षक संगलग्नक 1 व 2 के पृष्ठ संख्या 42 से 45 तक के तुलनात्मक तालिका विवरण में वर्णित तथ्यों से पुष्ट किया जा सकता है। भ्रष्टाचार महारथ प्राप्त अभियंताओं के भ्रष्टाचार के क्रम में अभियंताओं ने कार्यों हेतु आवंटन प्राप्त रुपए 6051.12 लाखों रुपए के सापेक्ष 8296.37 लाख अधिक व्यय कर, बगैर प्राविधिक के अन्य मदों से धन राशि का आहरण कर सरकारी धनराशि का बंदरबांट किया गया है जिसकी पुष्टि प्रधान लेखाकार के लेखा परीक्षा के भाग 2″अ” प्रस्तर 11 के पृष्ठ 46 से 47 एवं मय शीर्षक संलग्न तुलनात्मक तालिका विवरण के पेज संख्या 48 से 49 तक में अंकित तथ्यों से किया जा सकता है उपरोक्त से, भ्रष्ट अभियंताओं की वीरगाथा व उनके पितामह प्रमुख सचिव व प्रमुख्य अभियंता उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश की अब तक की खामोशी और संगठन के 138 दिनों से चल रहे सत्याग्रह संकल्प के तुलनात्मक अवलोकन से आरोपियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध प्रतीत होती है जिसका संगठन पटाक्षेप करने पर अमादा है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित संगठन के संस्थापक महासचिव शैलेंद्र कुमार मिश्रा, अनूप शुक्ला, अशोक तिवारी दिवानी बार गोरखपुर, योगेन्द्र कुमार मिश्रा एडवोकेट महामंत्री जिला कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन, डी एन सिंह ठेकेदार जन कल्याण समिति लखनऊ के प्रदेश उपाध्यक्ष, रामनिवास गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता जियाउद्दीन अन्सारी, राजेश शुक्ला अधिवक्ता कमिश्नरी बार गोरखपुर, अनूप कुमार मिश्रा एडवोकेट स्नेहा मिश्रा एडवोकेट दीवानी कचहरी गोरखपुर विरेन्द्र कुमार वर्मा, विरेन्द्र राय, जिला मंत्री रामचन्दर दूबे, जिला संयोजक राजमंगल गौर, जिला मीडिया प्रभारी शशी कांत, नानू अंसारी, बृजराज सैनी, संतोष गुप्ता, इत्यादि भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।