किशोरियों पर केन्द्रित होगा पोषण माह का दूसरा सप्ताह
– 9 से 14 सितम्बर तक किशोरी दिवस, प्रभात फेरी, गृह भ्रमण के साथ होगी रैसिपी प्रतियोगिता
– जुलाई में चिन्हित एनीमियाग्रस्त किशोरियों का किया जाएगा फालोअप, खिलाई जाएगी आयरन गोली
संतकबीरनगर। 7 सितम्बर 2019
जितेन्द्र चौधरी
ऊपरी आहार थीम पर आधारित पोषण माह का दूसरा सप्ताह किशोरियों पर केन्द्रित होगा। इस दौरान 9 से 14 सितम्बर तक किशोरियों को केन्द्र में रखकर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि उनके जीवन स्तर के साथ ही स्वास्थ्य में बेहतर सुधार हो सके। इस दौरान गत जुलाई में चिन्हित एनीमियाग्रस्त किशोरियों का फालोअप करते हुए उन्हें आयरन की गोलियां खिलाई जाएंगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री विजयश्री का कहना है कि पोषण माह की थीम ऊपरी आहार है। इसी को ध्यान में रखते हुए पोषण माह के चारो सप्ताह मनाए जाएंगे। माह का दूसरा सप्ताह किशोरी सप्ताह के रुप में मनाया जाएगा। इसमें 9 सितम्बर को पहले दिन किशोरी दिवस का आयोजन किया जाएगा। यही नहीं जुलाई माह में चिन्हित एनीमियाग्रस्त किशोरियों का फालोअप करते हएु आयरन की गोलियों के सेवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। दूसरे दिन किशोरियों की साइकिल रैली, प्रभातफेरी व जागरुकता स्लोगन के साथ गृह भ्रमण का कार्यक्रम आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर पर किया जाएगा । तीसरे दिन आंगनबाड़ी सतर पर ऊपरी आहार पर विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही साथ उपरी आहार पुस्तिका का प्रदर्शन करते हुए बच्चे के पैदा होने के 6 माह के बाद ऊपरी आहार की शुरुआत तथा उसके महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। चौथे दिन किशोरी प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जिसमें रैली के माध्यम से सुपोषण की गूंज पैदा की जाएगी। किशोरियों के द्वारा समुदाय में व्यक्तिगत सफाई के बारे में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं पांचवे दिन बाल सुपोषण उत्सव के साथ रैसिपी प्रदर्शन व प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। पोषाहार से बनने वाले विभिन्न व्यंजनो का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही 6 माह से 6 साल तक के बच्चे के लिए उपरी खाना प्रतियोगित का आयोजन किया जाएगा । छठवें दिन आंगनबाड़ी केन्द्र पर विभिन्न समितियों की एक साथ बैठक करके उपरी आहार खाने का संदेश दिया जाएगा।
50 प्रतिशत से अधिक किशोरियों को एनीमिया
यूपीटीएसयू के जिला पोषण विषेशज्ञ अजिथ रामचन्द्रन बताते हैं कि संतकबीरनगर में 15 से 19 वर्ष की किशोरियों में एनीमिया का प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र में 50.8 व कुल 50.9 है। वहीं 15 से 49 वर्ष की महिलाओं मं एनीमिया का प्रतिशत ग्रामीण स्तर पर 49.4 तथा कुल 50.1 प्रतिशत है। इससे निबटना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसे ध्यान में रखते हुए ही पोषण प्लान बनाया जा रहा है। ताकि किशोरियों को एनीमिया से मुक्त किया जा सके। आयरन की गोलियां भी दी जा रही हैं, तथा ऐसी किशोरियों का फालोअप भी किया जा रहा है। उन्हें सही गुणवत्ता और निर्धारित आवृत्ति के हिसाब से भोजन की सलाह दी जाती है।

