बड़ी खबर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 सामान्य निर्वाचन के लिए हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला,

पंचायत चुनाव पर आरक्षण के लिए वर्ष 2015 को मूल वर्ष माना जाए
रिपोर्ट :केके मिश्र

उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन सामान्य 2021 को लेकर अजय कुमार बनाम सरकार द्वारा की गई जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय ने सुनाया अपनाफैसला, माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि आरक्षण नीति को वर्ष 2015 को मूल माना जाए उसी आधार पर आरक्षण प्रक्रिया चालू करें बताते चलें कि हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश की याचिकाकर्ता द्वारा चुनौती दी गई थी याचिका में कहा गया कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किए जाने संबंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत क्षेत्र पंचायत ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है यह भी कहा गया कि आरक्षण लागू किए जाने के संबंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995 दो हजार 2005 2010 2015 के आधार पर चुनाव संपन्न कराए जाएं याचिका में कहा आगे कहा गया कि 16 सितंबर 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किए जाने को कहा गया उक्त शासनादेश में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार आरक्षण सीटों का बंटवारा किया जाए जिसे माननीय न्यायालय द्वारा संज्ञान में लेते हुए वर्ष 2001 व 2011 की जनगणना को तथा वर्ष 2015 को मूलभूत आधार मानते हुए आरक्षण नीति का चयन करते हुए 25 मई 2021 तक त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2021 को संपन्न करें