मोहम्मद इलियास ने पूर्ण कराया 60 साल पुराने शिवमंदिर का जीर्णोद्धार
सिद्धार्थनगर-डुमरियागंज

डुमरियागंज – विजय यादव कबीर की आवाज़ हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सब आपस में भाई भाई मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना । हिंदी हैं हम वतन है हिंदुस्तान हमारा ।। यह पंक्तियां इन दिनों मुस्लिम बाहुल्य गांव चौकनिया में सटीक बैठ रही है जहां पर मोहम्मद इलियास ने गंगा जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश की है लगभग 60 साल पुराने शिव मंदिर को अपने निजी खर्चे से मरम्मत कराकर मंदिर का जीर्णोद्धार करके हिंदू मुस्लिम एकता का एक संदेश कायम किए हैं मंदिर का मरम्मत कराने वा रंगाई पुताई में करीब साडे तीन लाख रुपए का खर्च आया है मोहम्मद इलियास प्रधान पति हैं लेकिन उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार वा सुंदरीकरण में जो पैसा खर्च किया है इन्होंने स्वयं के पास से लगाए हैं इससे पूर्व मुंबई में रहकर अपना कारोबार करते थे गांव आए तो मंदिर की हालत देखकर इसका जीर्णोद्धार करने का विचार इनके मन में आया।

चौकनिया गांव डुमरियागंज तहसील के अंतर्गत स्थित है इस गांव की आबादी करीब 3 हजार है यह मुस्लिम बाहुल्य गांव है यहां पर वर्ष 1961 में शिव मंदिर का निर्माण गांव के ही रहने वाले सत्यदेव सिंह ने अपनी निजी भूमि पर कराया था बाद में भूमि को मंदिर के नाम कर दिया मंदिर प्रांगण पर भव्य मेले का आयोजन विगत वर्षों से होता आ रहा है मंदिर काफी पुराना हो गया था जिसका जीर्णोद्धार नहीं हो रहा था चौकनिया गांव के निवासी मोहम्मद इलियास मुंबई से गांव आए और अपने पत्नी को प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ाया जिसमें वह निर्वाचित चुनी गई इसके बाद वह मंदिर के जीर्णोद्धार कराने में जुट गए जो इस वर्ष पूर्ण हो गया मंदिर जहां पर स्थापित है भूमिस्वामी हरिश्चंद्र सिंह से पूछ कर मंदिर के जीर्णोद्धार कराने लगे अब मंदिर का पूर्णतया कायाकल्प हो गया है मंदिर में काम करने वाले कारीगरों के अनुसार लगभग 350000 का खर्च आया है इस मंदिर पर पूजा अर्चना शुरू हो गया हर मंगलवार को यहां रामायण पाठ भी होता है। मिसाल मोहम्मद इलियास ने स्वयं के पैसे से कराया सुंदरीकरण मुस्लिम बाहुल्य ग्राम चौकनिया में स्थित है एकलौता शिव मंदिर मंदिर को संवार कर हिंदू मुस्लिम एकता की कायम की मिसाल..,मोहम्मद इलियास का कहना है जब वह मुंबई से गांव आते थे तो इस मंदिर की स्थिति देखकर मन में ठान लिया था कि कि उन्हें अगर समय मिला तो अपने निजी खर्चे से मंदिर की मरम्मत कराकर जीर्णोद्धार करेंगे जो इस वर्ष पूर्ण हो चुका है मंदिर की भव्यता एवं सुंदरता देखने योग्य है