अन्तर्राष्ट्रीय मात्र भाषा दिवस के अवसर पर कवि संगोष्ठी का आयोजन….


संतकबीरनगर:- अन्तर्राष्ट्रीय मात्र भाषा दिवस के अवसर पर विकास खंड सेमरियावाँ अंतर्गत ग्राम चोरहाँ स्थित हबीब जूनियर हाई स्कूल में जसीम अहमद द्वारा एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिस की अध्यक्षता मुजीब बस्तवी ने की, और संचालन मुहम्मद सलमान आरिफ नदवी ने किया। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अस्अद बस्तवी उपस्थित रहे। हफीजुर्रहमान की तिलावते कलाम पाक से बैठक की शुरूआत हुई। नाते पाक मुजीब बस्तवी ने पढ़ी। फिर कवियों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। कुछ पंक्तियां निम्नलिखित हैं:
मुस्कुराहट क़हक़हे शादाबियाँ हैं हर तरफ।
फिर भी मुल्क में बेताबियाँ हैं हर तरफ।
मादरे हिन्दुस्तान की माँग में सिन्दूर है।
दिल से गमहाए गुलामी आज कोसों दूर है।
गेसुए उर्दू अभी मन्नत पज़ीरे शाना है।
शमए महफिल गरमिए सोज़े दिले परवाना है।
मुजीब बस्तवी।
फिजा जिस से मोअत्तर हो वह ख़ुशबू आम हो जाए।
जो टूटे दिल को जोड़े ऐसा जादू आम हो जाए।
किसी भी मुल्क में जाऊं मुझे उर्दू सुनाई दे।
मेरे मौला कुछ ऐसा कर कि उर्दू आम हो जाए।
अस्अद बस्तवी।
वह एक क़तरा नहीं सारा समन्दर देख लेते हैं।
सख़ावत में अगर ज़र्फे पयम्बर देख लेते हैं।
जमाले गुंबदे ख़ज़रा सुना था जिस क़दर हम ने।
पहुंच कर उस जगह उस से फज़ूं तर देख लेते हैं।
गुफरान शकील नदवी।
ज़माने को एक मिसाल देना।
गिरे हुए को संभाल देना।
बहुत बुरा यह अमल है यारो।
किसी की इज़्ज़त उछाल देना।
हलीम मेंहदावली।
साथ ही मुख्य अतिथि अस्अद बस्तवी का फूल माला भेंट कर उन का स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर अलकमा हुसैन, मुहम्मद अरमान, मुहम्मद अरशद, मुहम्मद तनवीर, मुहम्मद तलहा, सुहैल अहमद, मुहम्मद हस्सान, मुहम्मद हाशिम आदि उपस्थित थे।