जिला में समाज सेवा के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे हैं तथाकथित समाजसेवी
संत कबीर नगर / कुरैश अहमद सिद्दीकी

यह संत कबीर नगर के विकासखंड खलीलाबाद के अंतर्गत सियरासाथा निवासी घनश्याम पुत्र हरिदेव कोहार है
आज कल समाजसेवा भी एक मजाक बन गया है कुछ तथाकथित समाजसेवी गरीब जनता के भावनाओं से भी खेल जाने तक का काम कर रहे हैं।
हमारे जिला में आजकल समाजसेवा कम ढिंढोरा कुछ ज्यादा ही पीटा जा रहा है जिला में कितने मजबूर और लाचार पड़े हैं किसी के पास दो वक्त रोटी खाने का इन्तजाम नहीं है किसी के पास पहनने को कपड़ा और रहने को झोपड़ी तक नहीं है।
मगर उन मजबूरों की कोई सुध लेना वाला नहीं है।

यह नाथ नगर ब्लाक के नकहा गाँव का सूरदास पुत्र बीपत है जो अनुसूचित जाति का है
इन तथाकथित समजसेविओं की समाज सेवा कहाँ पाताल में हो रही है या जमीन निगल जा रही है।
बस मीडिया खुश रहे यही इनकी सबसे बड़ी समाजसेवा है
किसी अन्य जरूरतवस अगर कोई परेशान हाल आदमी फोन कर दिया तो उसके भी जजबात से खेलते हुए आर्थिक सहयोग मांगने वाला समझ जली कटी सुना कर फोन काट दिया जाता है ऐसे नामनेहाद समाजसेवी समाजसेवा कम मीडिया और शोसल मीडिया पर पर ढिंढोरा कुछ ज्यादा पीटते हैं।

जो सेमरियावां ब्लाक के अंतर्गत लहुरादेवा गवं का संजय पुत्र बुद्धू अनुसूचित जाति का है
अज कल इनका हाल यह है कि दूसरों द्बरा भी किए गये सामाजिक कार्यों का श्रेय लेने से भी नहीं चूकते और मीडिया शोसल मीडिया पर खूब अपने नामों की चर्चा करवाते हैं।
जबकि समाजसेवा शोर मचाने या ढिंढोरा पीटने का काम नहीं है बल्कि दान गोपनीय तौर पर कर दिया जाता है कि दाहिने हाथ से दीजिए और बायें हाथ को खबर ना हो।

सोनू कुमार पुत्र हुबराज अनुसूचित जाति का है
मगर आज समाजसेवा के नाम चंद पैसों और बराये नाम जरूरियात ए जिंदगी का कुछ सामान देकर गरीबों आसहायों मजलूमों के भावनाओं को खूब आहत किया जा रहा है।
बेचारे गरीब दो वक्त की रोटी चंद कपड़े बीमारी एवं अन्य परेशानी में चंद पैसे लेकर इन तथाकथित समजसेविओं के साथ फोटो खिंचवाने में उनके दिल पर क्या बीतती होगी यह तो उनका दिल ही जानता होगा।

इन गरीबों से समाजसेवा काफी दूर है
इसी तरह जिला में हजारों की संख्या में मजबूर और लाचार गरीब पड़े हैं जिनके पास दो वक्त की रोटी दवा कपड़ा रहने के लिए मकान तक नहीं है
जिला में कुछ गरीबों मजबूरों से मुलाकात का मौका मिला जिनके तक समाजसेवा की हवा तक नहीं लगी ना बेचारों का कोई समाजसेवी पुरसांहाल है।

नोट:- यह लेख रिपोर्टर का व्यक्तिगत लेेेेख हैै