संतकबीरनगर / सेमरियावां :-तरीकत हुसैन सिद्दीकी

विकास खण्ड सेमरियावां के गांवों में सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आवास प्लस योजना कागजों में सिमटकर रह गई है। गंवई राजनीति के कारण पात्र गरीब परिवार आवास योजनाओं का लाभ पाने से आज भी वंचित हैंं। जानकारी के बाद भी जिम्मेदार सिर्फ ब्लाक मुख्यालय पर समीक्षा बैठक कर कोरमपूर्ति तक सीमित हैं। मामले को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों में रोष कायम है।
सेमरियावां ब्लाक क्षेत्र में वर्तमान में 113 ग्राम पंचायतें हैं। सभी गरीबों को पक्का मकान मुहैया कराने का सरकारी फरमान बेअसर साबित हो रहा है।गंवई राजनीति के चलते पात्र गरीब परिवार आज भी आवासीय योजनाओं के लाभ से वंचित होकर छप्पर और टिन शेड के मकान में रहने को विवश हैं। जिम्मेदारों ने पात्रता को दरकिनार कर अपने चहेतों को आवास दिला दिये। क्षेत्र के गांव तिलजा मेंं रामकुमार पुत्र मुन्नाराम, कलपाती पत्नी मुन्नाराम मौर्या, कौशल्या देवी पत्नी हरीराम, भानमती पत्नी हरिलाल, कमलावती पत्नी रंगीलाल, राम लगन पुत्र सुखलाल, रीना देवी पत्नी श्रीनिवास, जयकरन पुत्र मुन्नाराम, रेश्मा पत्नी स्व. दयाराम, शान्ति देवी पत्नी शिवदास, विमलावती पत्नी अशोक आज भी आवास के लाभ से वंचित हैं। इसी तरह क्षेत्र के गांव पचदेउरी निवासी अब्दुल हई, अ. हमीद पुत्रगण नबी हसन का परिवार आज भी जर्जर खपरैल के मकान में रहने को मजबूर है तो वहीं मु. उमर, अब्दुर्रऊफ, मु. अयूब, मु. लतीफ पुत्रगण मु. सिद्दीक का परिवार खपरैल तथा छप्पर के मकान में रहने को मजबूर हैं। विभागीय जिम्मेदारों की उदासीनता एवं लापरवाही के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर ग्रहण लगता दिख रहा है। स्थानीय जिम्मेदार मामले को लेकर अनजान बने हुए हैं। अन्य योजनाओं की तरह यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है। जिला तथा ब्लाक स्तरीय अधिकारी स्थलीय सत्यापन के बजाय समीक्षा बैठकें कर अपनी जिम्मेदारियों की इतिश्री कर ले रहे हैं। मामले को लेकर क्षेत्रीय ग्रामवासियों में जिम्मेदारों के प्रति असंतोष कायम है।