बाल स्वास्थ्य टीम को एप के प्रयोग की दी गई जानकारियां
– राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की निगरानी के लिए आया है ऐप
– बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम को दिया गया अनुप्रयोग का प्रशिक्षण
संतकबीरनगर, 6 अगस्त 2019
जितेन्द्र चौधरी
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को बेहतर बनाने व पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए मोबाइल एप लांच किया गया है। इसके संचालन का विधिवत प्रशिक्षण मंगलवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में दिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक पिण्टू कुमार के नेतृत्व में लखनऊ से आई टीम और स्थानीय टीम ने जिले की बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम को प्रशिक्षण दिया।
एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मोहन झा के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ मोहन झा ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की निगरानी तथा टीम की कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए ही यह एप लाया गया है। इसमें हर बालक की जानकारी पंजीकृत होगी। राज्य कार्यालय से आए हुए प्रशिक्षक आनंद गुप्ता द्वारा आरबीएसके टीम के मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया। उन्हें एप की बारीकियों से अवगत कराया गया तथा उसका बेहतर प्रयोग कैसे किया जा सके, इस बात की जानकारी दी गई। इस मौके पर डॉ ए के सिन्हा, डीपीएम विनीत श्रीवास्तव, डीसीपीएम संजीव सिंह, बीसीपीएम महेन्द्र त्रिपाठी, आरकेएसके कोऑर्डिनेटर दीनदयाल वर्मा, डॉ मुबारक अली, फैज़ान अहमद के साथ ही जिले के 9 ब्लाकों में काम करने वाली आरबीएसके की 18 टीमों के सदस्य मौजूद रहे।
प्रशिक्षण में मिली जानकारियों से राह हुई आसान
प्रशिक्षण लेने के लिए आई खलीलाबाद की डॉ रचना सिंह बताती हैं कि मोबाइल एप से सुविधाजनक तरीके से काम करने के बारे में जानकारियां मिली हैं। जो भी संशय था उसे प्रशिक्षकों के जरिए समझा गया है। इससे काम करने में सहूलियत होगी। वहीं पौली ब्लाक के डॉ अश्विनी यादव, सेमरियांवा के डॉ सच्चिदानन्द, खलीलाबाद के डॉ मकीन, हैसर के देवेन्द्र प्रताप शुक्ला भी प्रशिक्षण से एप के बेहतर उपयोग की बात को स्वीकारते हैं। वहीं खलीलाबाद की स्टाफ नर्स ज्योति और सेमरियांवा की स्टाफ नर्स संजू यादव का कहना है कि नए एप के आ जाने से कार्य और भी बेहतर तरीके से होगा। शाम को सारा डाटा भी एकत्र करने में सहूलियत होगी।
38 प्रकार के रोगों की है डिटेल
इस एप में 38 प्रकार के रोगों की डिटेल है। जिले के ब्लाकों में मोबाइल टीम जब स्कूलों पर बच्चों के सेहत की जांच करेगी तो बच्चों में कौन सी गंभीर बीमारी है, इसका विवरण एप में दर्ज हो जाएगा। जिन बच्चों को रेफर किया गया, उनमें से कितने अस्पताल नहीं पहुंचे यह भी देखा जा सकेगा। इससे फायदा यह होगा कि कोई भी बच्चा छूटने नहीं पाएगा और सभी का फालोअप होगा। एप में वह सभी सुधार किए गए हैं, जिनसे आरबीएसके के लोग अच्छी परफारमेंस दे सकें।
नेटवर्क न रहने पर भी करेगा काम
मोबाइल में नेटवर्क न रहने पर भी आरबीएसके के डाक्टर और पैरामेडिकल अपनी उपस्थिति व आंकड़े आफलाइन दर्ज कर सकेंगे। जैसे ही टीम नेटवर्क एरिया में आएगी, सभी आंकड़े प्रेषित हो जाएंगे। डीएम, सीएमओ, नोडल अधिकारी बीएसए, डीपीओ, सीएचसी अधीक्षक, प्रभारी चिकित्साधिकारी, एबीएसए, सीडीपीओ, डीईआईसी मैनेजर और स्टेट के लोग कभी भी बच्चों के इलाज के लिए गई टीम की डिटेल जान सकेंगे।
