कृषि कानून किसानों के साथ विश्वासघात- दिलशाद अफसर

संतकबीरनगर। केन्द्र सरकार के तीन काले कृषि कानूनों किसानों के हितों पर कुठाराघात है। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है।
उक्त बातें जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष दिलशाद अफसर ने सेमरियावां में एक प्रेसवार्ता में कहीं।
उन्होंने कहा नये कानून में कृषि उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का जिक्र न होना इस बात की तरफ इशारा करता है कि सरकार ने कृषि व्यवस्था को पूरी तरह से कार्पोरेट और पूंजीपतियों के हवाले कर दिया है।इससे देश की कृषि व्यवस्था जिसमें 86.4 प्रतिशत किसान जिसकी जोत 2 एकड़ से कम है वह नई प्रतिस्पर्धात्मक व्यवस्था से बाहर हो जायेगा और किसान अधिकार विहीन हो जाएगा उसकी हैसियत मात्र एक मजदूर की हो जाएगी।(केवल मेहनत और उत्पादन करे)आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची से अनाज, दालें, खाद्य तेल, आलू, प्याज आदि बुनियादी चीजों को बाहर करने से कारोबारी जमा खोरी करना शुरू कर देंगे, कीमतों में अस्थिरता आ जायेगी और देश में कालाबाजारी बढ़ जाएगी जिसका खामियाजा देश की बेहाल परेशान जनता को भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आज किसान अपने अधिकारोंं के लिए सड़क पर हैं। लेकिन सरकार हठ पर अड़ी हुई है। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है।
उन्होंने केन्द्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है।