स्वर्गीय भालचंद यादव पूर्व सांसद की पुण्यतिथि 04 अक्टूबर को गोष्ठी का आयोजन करेगी
कबीर जनविकास वेलफ़ेयर सोसाइटी

संतकबीरनगर:- कोई भी महान ब्यक्तित्व किसी भी राजनीतिक दल ,किसी भी संघटन से ऊपर होता है ।अपनी नस्लों को उनके बारे में बताना होगा ताकि समाज ऐसे लोगों से कुछ सीखें ।
कबीर जन विकास वेलफेयर सोसायटी जिसके पदाधिकारी और सदस्य भी चाहते है कि उनके योगदान को याद किया जाय ।महान सोच और उसके कारनामे को हाई जैक न करते हुवे उसे प्रसारित करने की जरूरत है ।
कबीर जन विकास के महासचिव और अन्य पदाधिारियों ने वीडियो कान्फ्रेसिंग से वार्ता करते हुवे इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आगामी उनकी पुण्य तिथि 4अक्टूबर को संतकबीरनगर में जगह समारोह गोष्ठी आयोजित कर उनके योगदान को याद किया जाय ,समारोह गोष्ठियां लॉक डाउन के हालात पर निर्भर होंगे ।
श्री भालचंद्र यादव संतकबीरनगर के महान अग्रणी नेताओं में थे ,दो बार सांसद रहे साधारण परिवार का यह इंसान दिल्ली के लुटियन्स में जाकर गरीबों का दुख दर्द नहीं भूला अपितु वह चलते फिरते सोते उठते बैठते उनकी फिक्र समाज के निम्न इंसान की तरफ होती ।गरीब लाचार दुखिया उनको देख कर खुश हो जाता ,यही असली दौलत है।
गरीब खुश हो जाता कि नेता जी की जेब ज़रूर कुछ मदद करेगी ।हमेशा एक हाथ उनकी जेब में होता ।वह रात के अंधेरे में मदद करते और धर्म नाम न पूछते न प्रचार करते ,मुझे नहीं लगता उनके समकालीन कोई होगा ।
उनकी एक कहानी याद आती है वह रात को semriyawan से का रहे थे पहले टेमा मार्ग नहीं बना था ,एक आदमी उम्र द्राज पैदल जा रहा था ।उनकी गाड़ी रुकी पूछा कहां जा रहे हो पैदल क्यों ।उसने कहा सायकिल कोई चोरी कर ले गया । कहा परेशान न हो यह लो पैसे और कल सुबह एक नई सायकिल खरीद लेना वह भी ईमानदार था ,रात के अंधेरे में उनकी जेब से अधिक पैसे निकल गए ,सुबह उसने सायकिल खरीदी जो पैसे बचे थे वह उसी सायकिल से भक्ता पहुंचा कहा नेता जी 1000बच गए कहा जाओ काजू बादाम खा लेना ।
आप सोचे एक खाने के पैकेट के लिए लोग फोटो डालते है लेकिन असल मदद तो रात के अंधेरे में है ।
कबीर वेलफेयर के महासचिव का फैसला जो उनकी पुण्य तिथि मनाए जाने के सम्बन्ध में स्वागत योग्य कदम है ऐसे इंसान जाति धर्म संप्रदाय से ऊपर होते है ।
- चीफ डिफेंस काउंसिल को पितृ शोक
- बजट प्रेस वार्ता में मीडिया की कम उपस्थिति बनी चर्चा का विषय
- हाउसवाइफ का टूटा मिथक, निजी व्यवसाय की पहचान बना रहीं महिलाएं
- कार्यस्थल पर महिला को गरिमापूर्ण वातावरण में काम करने का अधिकार – सचिव
- अगौना के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से व्यक्ति गंभीर घायल, डॉ. प्रेम त्रिपाठी बने देवदूत