सच्चा समाजसेवी बनना आसान नही है कसौटी पर कसा जाता है हर कदम
के के मिश्रा
सन्त कबीर नगर – वैसे जनपद मे समाजसेवियो की कोई कमी नही है उन्हे मिलने वाली उपाधियो की भी कोई कमी नही है कोई मसीहा के उपाधि से नवाजा जा रहा है तो कोई कुछ और से । इनके जीवन का हर लम्हा सेवा के लिए समर्पित है हर सांस सेवा की फितरत है । इनके हर कदम मिशाल होते है । लेकिन यह बात उतनी ही झूठ है जितना की नीला आकाश होने की बात झूठी है यही नही देखा जाय तो रस्सी की तरह क्रिया कलाप है मनगढ़ंत की छाया पराकाष्ठा लिए हुए है इसका सबसे प्रमाण दूसरे समाजसेवियो से विद्वेष की भावना है जो एक तरफ हर पल जीवंत होने की फिराक होती है । जो सच्चे समाजसेवी है उनके साथ षड्यंत्र का खेल खेला जाता है उन्हे तोड़ने का उन्हे रोकने का चक्रव्यूह रचा जाता है । जिसका जीता जागता उदाहरण जनपद से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर शिक्षा गुणवत्ता परक शिक्षा के रूप मे ख्यापित प्रभा देवी ग्रुप के डायरेक्टर व समाज हित मे कार्य करने वाले समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी है । जो जन हितैषी कार्यो मे बढ़ – चढ़कर हिस्सा ही नही लेते है बल्कि पटल पर उतर कर हर सम्भव साकार करते है बतौर उदाहरण वैश्विक महामारी कोविड 19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवा मे जहां दर्जनो वाहन लगा रखे है वही इस सेवा मे आ रहे नियमित एक लाख रुपये रोज वहन कर रहे है । इतनी बड़ी सेवा कौन कर रहा है जो हाथ जोड़कर वादे पर वादा करने वाले जन प्रतिनिधि सांसद विधायक नही कर रहे है फिर भी ये उन्हे नही भा रहे है जो अपने – आप को समाजसेवी कहलवाते है । जबकि इनका न किसी से किसी भी प्रकार का कोई द्वेष है और न ही ऐसी कोई भावना है जिसमे किसी को हीनता महसूस हो , होड़ तो कोसो दूर की बात है । इनका मानना है जिसका जितना सामर्थ्य है वह उतना समाज हित आदि मे काम करे , समाज हित मे काम करने का हर किसी की नैतिक जिम्मेदारी होती है जिसे सहर्ष स्वीकार करना चाहिए , समाज हित मे होने वाला जन हितैषी कार्य किसी होड़ का हिस्सा नही है । समाज हित मे होने वाले कार्य गरीब लाचार बेबसो जरूरतमंदो का होने वाला मदद सच्चे समाजसेवी की पहचान है । बावजूद इन्हे सच्ची सेवा और नेकदिल इन्सान होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है बतौर समाज को गलत संदेश तरह – तरह से आक्षेपित किया जा रहा है षड्यंत्र के जाल मे फंसाया जा रहा है । कभी फर्जी तरीके से राजनैतिक दबाव के सहारे इशारे के आरोप मे मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है तो कभी फर्जी तरीके से बतौर षड्यंत्र मनगढ़ंत अपहरण की स्टोरी बनाकर अपहरण मारपीट का मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है तो कभी दो साल पहले होमगार्ड से सेवा से मुक्त हुए को मोहरा बनाकर अवैध वसूली का आरोप लगवाया जा रहा है । ये सब इसलिए हो रहा है ताकि गरीबो की ऐसी कोई मदद न हो जिससे वह विकास का मुंह देख सके , लाचार अपनी बेबसी से ऊपर न उठ सके , जरूरतमंद की जरूरत पूरी न हो सके , समाजिक ऐसा कोई कार्य न हो जिससे एकता , भाईचारा , सौहार्द व लोगो मे आपसी प्रेम बना रहे । चूंकि सच्चे समाजसेवियो के साथ यह पहली बार हो रहा है ऐसा नही है बहुतायत उदाहरण मिल जायेगे । बहरहाल सच्चे समाजसेवी ” जो रहीम उत्तम प्रकृति का करि सकत कुसंग ” होते है इन्हे समाजसेवा से गरीबो जरूरतमंदो की मदद करने से कोई रोक नही सकता है । प्रभा देवी ग्रुप के डायरेक्टर व समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी उन्ही मे से एक है ।