नई दिल्ली: प्रदेश कांग्रेस की कमान शीला दीक्षित को सौंपने के बाद कांग्रेस आलाकमान दिल्ली को लेकर निश्चिंत थे, लेकिन शीला दीक्षित के निधन के बाद एक बार फिर दिल्ली में नए अध्यक्ष के लिए चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश नेतृत्व के लिए कई दावेदार सामने आ रहे हैं।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जेपी अग्रवाल के अलावा तीनों कार्यकारी अध्यक्ष हारून युसूफ, देवेन्द्र यादव और राजेश लिलोठिया का नाम भी चर्चा में है। अजय माकन और अरविंदर सिंह लवली को भी फिर से मौका दिया जा सकता है। हालांकि इन सबमें कांग्रेस कार्यकर्ता जेपी अग्रवाल के नाम पर ज्यादा चर्चा कर रहे हैं। लिहाजा देखना यह है कि शीला दीक्षित के रिक्त स्थान को भरने के लिए आलकामन किसे नेतृत्व सौंप रहा है।
रणनीतिकारों की माने तो गुटबाजी कम होने की बजाए अभी बढ़ने वाली है। पार्टी कार्यकर्ताओं को यह भी चिंता सता रही है कि पार्टी जल्दी प्रदेश नेतृत्व नहीं तय कर रही है तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
उधर, राहुल गांधी के राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने बाद वहां भी किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। 28 जुलाई को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक प्रस्तावित है। संभवत: इसी बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष व दिल्ली के अध्यक्ष के लिए नामों पर विचार किया जाएगा।