लिंगानुपात बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध स्वास्थ्य विभाग लोगों को करेगा जागरुक
– नेशनल गर्ल्स चाइल्ड डे पर निकाली जाएगी रैली, होगा संवेदीकरण
– बालिकाओं के विकास के लिए निरन्तर चल रहे हैं जिले में प्रयास
संतकबीरनगर, 23 जनवरी 2020,
जितेन्द्र चौधरी

निरन्तर कम हो रहे लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध स्वास्थ्य विभाग जिले के लोगों को कन्या भ्रूण हत्या तथा बालिका उत्थान के अन्य कार्यक्रमों को लेकर जागरुक करेगा। इसके लिए नेशनल गर्ल्स चाइल्ड डे पर शुक्रवार (24 जनवरी) को रैली निकाली जाएगी। शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संवेदीकरण कार्यशाला के जरिए लोगों को जागरुक किया जाएगा।
सीएमओ डॉ हरगोविन्द सिंह ने बताया बालिका शिशुओं के प्रति जागरूकता के लिए हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। देश में लड़कियों के लिये ज्यादा समर्थन और नये मौके देने के लिये इस उत्सव की शुरुआत की गयी है। समाज में बालिकाओं के प्रति भेदभाव जैसे शिक्षा में असमानता, पोषण, कानूनी अधिकार, चिकित्सीय देख-रेख, बाल विवाह आदि के भावों को दूर करने के लिए जिला स्वास्थ्य इकाई के साथ ही ब्लाक व अन्य स्वास्थ्य इकाईयों के तत्वावधान में जागरुकता रैली निकाली जाएगी। इसमें आशा, आंगनबाडी, महिला चिकित्सक, एएनएम, स्टाफ नर्स को शामिल किया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 25 जनवरी को जनपद स्तरीय जेंडर संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बाल विकास, बीएसए, अल्टासोनोलाजिस्ट के साथ ही अन्य लोग शामिल होंगे।
जिले में बालिकाओं की जन्म दर हुई कम
एसीएमओ आरसीएच डॉ मोहन झा ने बताया कि राष्ट्रीय मानक के अनुसार 1000 बालकों के सापेक्ष अगर 956 लड़कियां पैदा हो रही हैं तो उन्हें बराबर माना जाता है। कारण यह है कि बालकों का जीवित दर कम होता है, साथ ही बालिकाओं का जीवित दर अधिक होता है। इसीलिए यह आंकड़ा माना गया है। वर्ष 2011 की जनगणना से पूर्व शून्य से 4 वर्ष तक की बालिकाओं के जन्म की दर 956 से अधिक थी, लेकिन 2012 – 13 के एएचएस सर्वे के अनुसार जिले में शून्य से 4 वर्ष तक की बालिकाओं की जन्म दर 943 पर पहुंच गई है। इसी सर्वे के अनुसार कुल दर 986 है। मतलब यह है कि बालिकाओं की जन्मदर वर्तमान में जिले में कम हुई है। इसे बढ़ाने की दिशा में कार्य निरन्तर चल रहे हैं।