

संतकबीरनगर / खलीलाबाद ( विशेष संवाददाता ) विगत दिवस नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की बोर्ड बैठक मंगलवार को उस समय राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई जब स्थानीय भाजपा विधायक अंकुर राज तिवारी और नगर पालिका चेयरमैन के बीच विकास कार्यों को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बैठक में सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को और भी चर्चित बना दिया।
विवाद की शुरुआत नगर क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों से लंबित पड़े विकास कार्यों को लेकर हुई। चेयरमैन ने नगर के अधूरे विकास कार्यों का ठीकरा विधायक पर फोड़ते हुए कहा कि नगर पालिका द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर शासन धनराशि जारी नहीं करता, जबकि विधायक की संस्तुति पर करोड़ों रुपये के बजट स्वीकृत कर दिए जाते हैं।
चेयरमैन ने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) गुपचुप तरीके से तैयार कराकर बजट आवंटित करा लिया जाता है और नगर पालिका को इसकी जानकारी तक नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के विकास को लेकर पालिका की भूमिका को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।
अपने तेवर और तीखे करते हुए चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका में फर्जी डिजिटल सिग्नेचर के जरिए बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और बंदरबांट का भी आरोप लगाया।
वहीं विधायक अंकुर राज तिवारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जा रहे हैं और यदि किसी को किसी प्रकार की शंका है तो वह जांच करा सकता है। विधायक ने यह भी कहा कि क्षेत्र के विकास न होने संबंधी आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीतिक प्रेरित हैं।
बैठक के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच हुई तीखी बहस चर्चा का विषय बनी रही। सत्ता पक्ष के दो प्रमुख चेहरों के आमने-सामने आने से नगर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विकास के मुद्दे पर शुरू हुई यह सियासी जंग आगे क्या रंग दिखाती है।
आने वाले 6 माह में देखना है कि खलीलाबाद शहर का कितना विकास होता है ?