संतकबीरनगर। दीवानी न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता चैंबर में ऑल इंडिया बार परीक्षा (AIBE) उत्तीर्ण कर वकालत के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले नवागत अधिवक्ताओं के सम्मान में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान नवागत अधिवक्ताओं को फूल-मालाएं एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र भूषण मणि ने कहा कि वकालत केवल पेशा नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और सेवा भाव से जुड़ा एक जिम्मेदार सामाजिक दायित्व है। उन्होंने नवागत अधिवक्ताओं को निरंतर अध्ययन, नैतिक मूल्यों और न्यायिक मर्यादाओं के पालन का संदेश दिया।
समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवा अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की रीढ़ होते हैं और उनके समर्पण से ही समाज में न्याय की नींव मजबूत होती है। वक्ताओं ने सत्य, संयम और संवेदनशीलता को वकालत की सफलता की कुंजी बताया।
इस अवसर पर सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद पाठक, महामंत्री निरंजन सिंह, जनपद बार एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी, महामंत्री राम अवतार यादव सहित अनेक वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ता उपस्थित रहे।
स्वागत समारोह में एआईबीई परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अधिवक्ताओं में अनिल उपाध्याय, नरेंद्र कुमार, प्रदीप चौधरी, सुमित त्रिपाठी, महेंद्र सिंह, धनंजय राय, करुणा निधि, मनोज शुक्ला, कृष्ण प्रताप यादव, विवेक चौधरी, आनंद पटेल, सक्षम श्रीवास्तव, नितेश कुमार, मो. आकिब खान, आलोक कुमार चौधरी, संतोष कुमार मौर्य, मुस्कान पांडेय, केदारनाथ उपाध्याय, अखिलेश कुमार, संजय यादव, अजीत सिंह, ज्योति सिंह, सुरेश प्रताप भारती, अवधेंद्र मौर्य, मोहन त्रिपाठी, अजय कुमार प्रजापति, आशीष पांडेय, रीता मौर्य, शैलेश नाथ पांडेय एवं स्कंध कुमार सिंह शामिल रहे।
कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं कुशल संचालन सुधीर कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया। यह आयोजन अधिवक्ता एकता, न्यायिक गरिमा और युवा अधिवक्ताओं के उत्साहवर्धन का सार्थक उदाहरण बना।