- जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संतकबीरनगर: जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने फाइनेंसर के द्वारा कोरोना महामारी के दौरान ट्रक जबरन खिंचवा लेने के मामले को गंभीरता से संज्ञान लिया है। ट्रक की संपूर्ण कीमत रुपए 14 लाख 50 हजार 10 प्रतिशत ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 18 लाख 40 हजार अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया है। मामला महुली थानाक्षेत्र के नीबा होरिल गांव का है।
महुली थानाक्षेत्र के नीबा होरिल गांव निवासी बलवंत सिंह ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से मुकदमा दाखिल कर कहा कि टाटा मोटर्स फाइनेंस सॉल्यूशंस लिमिटेड ग्राहकों को नए व पुराने वाहनों को क्रय करने के लिए ऋण प्रदान करता है। उन्होंने दिनांक 23 जनवरी 2019 को एक पुराना ट्रक रुपए 14 लाख 50 हजार में क्रय किया। उन्होंने टाटा मोटर्स से रुपए नौ लाख 22 हजार 897 फाइनेंस कराया। उन्हें ऋण का भुगतान रुपए 33 हजार 421 के 44 मासिक किस्तों में करना था। वह नियमित रुप से किस्त का भुगतान करते रहे। मार्च 2020 से कोरोना महामारी शुरु हो गया और जून 2020 तक किस्त नही जमा कर पाए। नवंबर 2020 में फाइनेंसर के कर्मचारी आए और जबरन ट्रक खींच ले गए। उनके कहने पर नवंबर माह का किस्त रुपए 34 हजार जमा भी किए, बावजूद इसके ट्रक वापस नही किया गया। थक हार कर न्यायालय की शरण लेकर अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से वाद दाखिल करना पड़ा।
न्यायालय में दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा दोनों पक्ष के बहस को सुनने के उपरांत ऋण प्रदाता के खिलाफ फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आदेशित किया है कि फाइनेंसर ट्रक की कीमत रुपए 14 लाख 50 हजार खींचे जाने की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे तथा खींचे जाने की तिथि से आदेश की तिथि तक रुपए एक हजार प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 18 लाख 30 हजार तथा वाद व्यय के रुप में रुपए 10 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर अदा करें।