भाकियू चढूनी ने किया तहसील गेट पर भव्य प्रदर्शन, बृहद आंदोलन कर दी सड़क जाम की चेतावनी

संत कबीर नगर / धनघटा
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने किसान हित एवं जनहित की विभिन्न मांगों को लेकर आज किसानो, कार्यकर्ताओ संग तहसील धनघटा गेट पर जमकर प्रदर्शन किया, अपनी मांगों को लेकर नाराज कार्यकर्ताओ ने प्रशासन के विरोध मे जमकर नारे लगाए, मांगे न माने जाने पर सड़क जाम की भी चेतावनी दिया।संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि देश का किसान आज खुद तमाम समस्याओ से जूझ रहा है, अधिकारी, कर्मचारी किसानो की समस्याओ का उचित निस्तारण न कर मामले मे हीलाहवाली कर रहे हैं, जिससे किसान परेशान व हैरान है। किसान अधिकारियों, कर्मचारियों, कार्यालयों के लगातार चक्कर लगा रहा है।संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने आगे कहा कि जिले के धनघटा तहसील अन्तर्गत छपरा मगर्वी मे तैनात हल्का लेखपाल राजन चौधरी पूरी तरह भ्रष्टाचार मे लिप्त है, किसानों, ग्रामीणों से जमीन पैमाइश, जमीन नापने आदि के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है, तमाम किसानो से अवैध वसूली, धनउगाही करता है, पूरी तरह भ्रष्टाचार मे लिप्त है। किसानों, ग्रामीणों द्वारा उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत शिकायती पत्रों के मामले मे विपक्षियों से मिलकर झूठी, मनगढ़ंत रिपोर्ट लगाकर मामले का फर्जी निस्तारण करा रहा है, गांवो मे लोगों का जमीन के नम्बारान नापकर इधर का ऊधर दर्शा रहा है। जिससे ग्रामीणों मे अक्रोश व्याप्त है। जिससे कभी भी लोगों मे बड़ा विवाद हो सकता है। पूर्व मे कई बार मांग पत्र एवं शिकायत पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नही की गयी। सम्बन्धित अधिकारी भी उसे संरक्षण दे रहे हैं। ऐसे मे तत्काल लेखपाल का स्थानांतरण कराकर विभागीय कारवाई करायी जाए।अपनी मांग पत्र मे जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि धनघटा तहसील के चपरा पूर्वी, आगापुर उर्फ गुलरिहा, छपरा मगर्वी आदि गांवों मे सीमा विवाद वर्षों से बना हुआ है। तमाम किसानों की जमीन विवादित बनी हुई है। तमाम विकास कार्य भी नही हो पा रहा है। कई बार प्रार्थना पत्र, मांग पत्र देने के बाद बिगत दिनों एसडीएम धनघटा ने टीम गठित कर कार्रवाई का भरोसा दिया, फिर भी अभी तक कार्यवाई नही हुई है। गांव मे विवाद की स्थिति लगातार बनी हुई है। ऐसे मे यथाशीघ्र पत्थर नसब कर सीमा विवाद सुलझाया जाए।संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने आगे बताया कि धनघटा तहसील अन्तर्गत छपरा मगर्वी गांव मे वर्षों से कम्प्यूटराइज्ड खतौनी नही निकल रहा है किसानो को काफी समस्याओ का सामना करना पड रहा है, अनेको मांग पत्र, शिकायत के बाद मभी जस की तस समस्याए बनी हुई है। ऐसे मे यथाशीघ्र किसानो की कम्प्यूटराइज्ड खतौनी जारी करायी जाए।संगठन के जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष रामचंद्र यादव उर्फ प्रमुख जी ने कहा अधिकारी किसानो की समस्याओ पर मौन है अनेकों बार मांग पत्र शिकायत पत्र दिया गया है फिर भी अधिकारियों के कान मे जू नही रेंग रहा है। इसलिए मजबूरन किसान आज उग्र प्रदर्शन कर आन्दोलनरत है। यदि कारवाई नही हुई तो इसके बाद और बड़ा आन्दोलन होगा।किसानों का तहसील गेट पर उग्र प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार मजिस्ट्रेट ने नाराज कार्यकर्ताओ, किसानो को मनाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन नाराज किसान एसडीएम को बुलाने की मांग पर डटे रहे। करीब 20 मिनट बाद एसडीएम धनघटा मौके पर पहुंचे और किसानो से वार्ता किया आधे घंटे की वार्ता के बाद एसडीएम ने तीन दिन भीतर मामले मे कारवाई का भरोसा दिया। तब जाकर किसानो ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र देकर अपना आन्दोलन समाप्त किया। नाराज कार्यकर्ताओं ने मामले मे कारवाई न होने पर आगामी 10 जुलाई को पुनः बृहद आंदोलन कर सड़कों पर उतरने की चेतावनी देकर आन्दोलन समाप्त किया।पूरे आन्दोलन कार्यक्रम के बाद संगठन के जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओ व पदाधिकारियों सहित थाना प्रभारी थाना धनघटा से भी मिलकर उन्हे कई मामले से अवगत कराया और कारवाई कराये जाने हेतु वार्ता किया जिस पर उनके द्वारा सम्बंधित से वार्ता कर आवश्यक निर्देश दिए।इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट के अलावा जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र यादव उर्फ प्रमुख जी, संगठन मंत्री राघवेन्द्र प्रताप सिंह, जिला सचिव कमलाकांत मणि त्रिपाठी, गुड़िया, महाबली, राजेश बर्मा, उमेश बर्मा, हरखु, रमेश, रामचेत, सोमई, सुरेंद्र, चित्र रेखा, संजय, सरिता, सबिता, नन्दू, लालता प्रसाद आदि लोग मौजूद रहे।